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9वां सशस्त्र सेना वेटरन्स डे: वीरता और समर्पण को सलाम

सेना प्रशिक्षण कमान (ARTRAC) शिमला में आयोजित हुआ गरिमामयी समारोह

हिमाचल न्यूज़ डेली (Himachal News Daily) 

शिमला, 13 जनवरी 2025: भारतीय सेना ने सेना प्रशिक्षण कमान (ARTRAC) शिमला के तत्वावधान में 9वां सशस्त्र सेना वेटरन्स डे बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया। यह दिन उन वीर सैनिकों के प्रति सम्मान प्रकट करने का अवसर है, जिन्होंने अपने जीवन के बहुमूल्य वर्ष राष्ट्र की सेवा में समर्पित कर दिए। इस आयोजन ने सेवारत सैनिकों और पूर्व सैनिकों के बीच संबंधों को और प्रगाढ़ किया तथा यह पुनः पुष्टि की कि भारतीय सेना अपने पूर्व सैनिकों की भलाई और कल्याण के लिए सदैव तत्पर है।

सम्मानित हुए वीर योद्धा
इस अवसर पर ARTRAC के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C), लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा, AVSM, SM ने विशिष्ट पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया। इनमें शामिल थे:

  • कर्नल के.एस. मंटा (से.नि.), शिमला (हिमाचल प्रदेश)
  • कर्नल राजेश कुमार शर्मा (से.नि.), ज्वालामुखी, जिला कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)
  • हवलदार/CIk मनीष कुमार (से.नि.), ग्राम दयाला, जिला शिमला (हिमाचल प्रदेश)
  • नायक अमर चंद (से.नि.), संजौली, जिला शिमला (हिमाचल प्रदेश)

इन वीर पूर्व सैनिकों को समाज में उनके योगदान और अनुकरणीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।

पूर्व सैनिकों के सम्मान का अनूठा अवसर
सशस्त्र सेना वेटरन्स डे 1953 में भारतीय सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ, फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा के सेवानिवृत्त होने की स्मृति में मनाया जाता है। यह दिवस न केवल उनकी सेवाओं को याद करता है, बल्कि उन सभी पूर्व सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करता है, जिन्होंने अपनी पूरी निष्ठा और साहस के साथ मातृभूमि की रक्षा की।

इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और संवाद सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें सेना के सेवारत और पूर्व सैनिकों ने भाग लिया।

पूर्व सैनिकों के लिए सेना की प्रतिबद्धता
भारतीय सेना पूर्व सैनिकों के कल्याण और पुनर्वास के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। इन पहलों के माध्यम से पूर्व सैनिकों को रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और वित्तीय सहायता की सुविधा प्रदान की जाती है।

इस भव्य समारोह ने यह संदेश दिया कि राष्ट्र अपने वीर सैनिकों के बलिदान को कभी नहीं भूल सकता। भारतीय सेना की यह पहल न केवल पूर्व सैनिकों को सम्मानित करने का अवसर थी, बल्कि उनके अनुभवों से सीखने और नई पीढ़ी को प्रेरित करने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम बनी।

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