तहबाजारियों के उजाड़े जाने के खिलाफ सीटू का जोरदार प्रदर्शन
लोक निर्माण विभाग और नेशनल हाईवे एसडीओ कार्यालय के बाहर गूंजे विरोध के नारे

हिमाचल न्यूज़ डेली (Himachal News Daily)
शिमला, 21 फरवरी 2025: ढली से कुफरी तक तहबाजारियों को उजाड़ने के खिलाफ रेहड़ी-फड़ी तहबजारी यूनियन से संबद्ध सीटू ने गुरुवार को लोक निर्माण विभाग व नेशनल हाईवे एसडीओ कार्यालय, ढली शिमला के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने विभागीय अधिकारियों पर गरीब तहबाजारियों के अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाते हुए सख्त चेतावनी दी कि अगर प्रताड़ना बंद नहीं हुई तो अधिकारियों का घेराव किया जाएगा।
संविधान और कानूनों की हो रही अनदेखी
सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा और बालक राम ने आरोप लगाया कि वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, नेशनल हाईवे और नगर निगम शिमला की मिलीभगत से गरीब तहबाजारियों को जबरन हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 का खुला उल्लंघन है, जो नागरिकों को जीविका का अधिकार देता है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 2007 के फैसले और स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 का हवाला देते हुए कहा कि इस कानून के तहत किसी भी तहबाजारी को बिना उचित पुनर्वास उजाड़ा नहीं जा सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कानून की धज्जियां उड़ाने वाले अधिकारियों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
प्रदर्शन में उमड़ा भारी जनसैलाब
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में यूनियन के सदस्य और तहबाजारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों में बालक राम, हिमी देवी, रंजीव कुठियाला, विरेंद्र लाल, नोख राम, प्रताप चौहान, कपिल नेगी, भूप सिंह, सुभाष, राजन खाची, जगदीश जग्गी, अमित, रमेश कुमार, कल्पना देवी, संतोष वर्मा, सुरेंद्र बिट्टू, पप्पू कुमार, चंदा, रिंकू, विजय, रीना, आशीष, टिंचू, संजय, दिनेश, गोविंदा, मूल चंद, डीके, मिंटू, पवन, अजीत, राहुल, भूषण आदि मौजूद रहे।
सरकार से कार्रवाई की मांग
सीटू ने प्रदेश सरकार और शहरी विकास मंत्रालय से मांग की है कि तहबाजारियों को उजाड़ने की बजाय उन्हें सुरक्षा दी जाए। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से काम कर रहे तहबाजारियों को जबरन हटाने से सैकड़ों परिवारों का भविष्य अंधकार में चला जाएगा।
यूनियन ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर जल्द कोई समाधान नहीं निकाला गया तो संघर्ष और तेज किया जाएगा, और जरूरत पड़ने पर राज्यव्यापी आंदोलन भी छेड़ा जा सकता है।