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वृंदावन से भावुक अपील: “मैं मिलूं न मिलूं, तुम नाम जप करो…”, संत प्रेमानंद महाराज ने अनिश्चितकाल के लिए स्थगित की पदयात्रा

अस्वस्थता के बीच महाराज श्री ने भक्तों के लिए जारी किया वीडियो संदेश; कहा- 'चिंता न करें, केवल प्रभु भजन में मन लगाएं'

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29/05/2026-VIDYA SAGAR

वृंदावन, डेस्क। वृंदावन के प्रख्यात और देश-विदेश में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र संत श्री प्रेमानंद जी महाराज ने अपने अनुयायियों के लिए एक बेहद भावुक अपील जारी की है। पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे महाराज श्री ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से अपने भक्तों को ढांढस बंधाया है, जिसने करोड़ों भक्तों की आंखें नम कर दी हैं। स्वास्थ्य कारणों के चलते उन्होंने अपनी दैनिक ‘पदयात्रा’ और ‘एकांतिक वार्ता’ को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया है।


“चिंता न करें, नाम जप ही सबसे बड़ा संबल”

अपने वीडियो संदेश में परम पूज्य महाराज श्री ने भक्तों को बिल्कुल भी विचलित न होने की सलाह दी है। उन्होंने बेहद शांत और करुणामयी स्वर में कहा:-

“बिल्कुल चिंता मत करो। हम मिलें या न मिलें, बोलें या न बोलें, हम आप सबसे बहुत प्यार करते हैं। हम चाहते हैं कि सबको श्रीजी की कृपा प्राप्त हो। अंतिम बात यही है—मैं आऊं न आऊं, बिना बोले तुम्हारे लिए यह स्नेह हमेशा बना रहेगा। तुम बस नाम जप करो, भजन करो और राधा रानी के आश्रित रहकर सुखी रहो।”



पदयात्रा और एकांतिक वार्ता पर लगी रोक

महाराज श्री की सुरक्षा और गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए आश्रम प्रशासन ने यह बड़ा फैसला लिया है। उनके दर्शनों के लिए उमड़ने वाली भारी भीड़ और उनकी शारीरिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए, रात्रि में होने वाली उनकी प्रसिद्ध पदयात्रा और भक्तों के संकटों का निवारण करने वाली ‘एकांतिक वार्ता’ को फिलहाल रोक दिया गया है।

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आश्रम से जुड़े सेवादारों के अनुसार, महाराज श्री का स्वास्थ्य अभी स्थिर है और डॉक्टरों की देखरेख में उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। यह एकांतवास केवल उनके स्वास्थ्य लाभ और आराम के उद्देश्य से सुनिश्चित किया गया है।


भक्तों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

जैसे ही महाराज श्री का यह संदेश सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों पर प्रसारित हुआ, देश-विदेश के भक्तों में उनकी लंबी आयु और उत्तम स्वास्थ्य के लिए प्रार्थनाओं का दौर शुरू हो गया। सोशल मीडिया पर लोग ‘राधे-राधे’ और ‘जय श्री कृष्णा’ के मंत्रों के साथ महाराज श्री के जल्द पूर्ण स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

संत प्रेमानंद जी ने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि शरीर तो नश्वर है, लेकिन प्रभु का नाम शाश्वत है। अस्वस्थता के इस कठिन दौर में भी भक्तों के कल्याण की उनकी यह चिंता, उनके महान संत होने का जीवंत प्रमाण है।


“मेरी बात मानोगे तो परम मंगल होगा” — संत प्रेमानंद महाराज

अपने विशेष संदेश में संत प्रेमानंद जी महाराज ने अत्यंत भावुक स्वर में कहा:-

“शरीर का कोई भरोसा नहीं है। मैं आगे आपसे भौतिक रूप से मिलूं या न मिलूं, लेकिन आप सब ‘नाम जप’ कभी मत छोड़ना। अगर आप मुझसे सच्चा प्रेम करते हैं और मेरी बात मानते हैं, तो अपने-अपने घरों में बैठकर पूरी निष्ठा से राधा-राधा नाम का सुमिरन करें। इसी में आपका और हमारा परम मंगल है।”

उन्होंने आगे कहा कि पदयात्रा के दौरान उमड़ने वाली अनियंत्रित भीड़ के कारण सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, साथ ही कई श्रद्धालुओं को भी असुविधा हो रही थी। इन्हीं सब परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस यात्रा को रोकने का निर्णय लिया गया है।


भक्तों से संयम और सहयोग बनाए रखने की अपील

श्री हित राधा केलि कुंज परिक्रमा मार्ग स्थित आश्रम के प्रबंधन की ओर से भी श्रद्धालुओं से विशेष सहयोग की अपील की गई है। प्रशासन ने कहा है कि कोई भी भक्त अब रात्रि के समय पदयात्रा के मार्ग पर भीड़ न लगाए। महाराज श्री के दर्शन और उनके प्रवचन पहले की तरह निर्धारित व्यवस्था और सत्संग कार्यक्रमों के माध्यम से होते रहेंगे।


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