बोह घाटी बादल फटने की घटना: मुख्यमंत्री सुक्खू ने लिया स्थिति का जायजा, प्रभावित परिवारों से फोन पर की बात
राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा और सख्त निर्देश

VIDYA SAGAR
शिमला (22 जुलाई, 2026)
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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की बोह घाटी में बादल फटने की दुखद घटना के बाद राज्य सरकार पूरी तरह से सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला से सीधे कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा और आपदा से प्रभावित परिवारों से दूरभाष पर बातचीत कर जमीनी स्थिति और नुकसान का जायजा लिया।
उपायुक्त खुद घटना स्थल पर मौजूद रहकर राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों की व्यक्तिगत निगरानी कर रहे हैं।
राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा और सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान आपदा से हुए नुकसान, स्थानीय निवासियों की सुरक्षा, और बिजली-पानी जैसी आवश्यक सेवाओं की बहाली के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्य बातें:
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तत्काल सहायता: मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी प्रभावित परिवारों को अविलंब आवश्यक खाद्य सामग्री, आश्रय और हरसंभव वित्तीय व मेडिकल सहायता प्रदान की जाए।
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क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मदद: जिन परिवारों के मकान इस आपदा में पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत हरसंभव सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री खुद करेंगे प्रभावित क्षेत्र का दौरा
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रभावित परिवारों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने घोषणा की कि वे शीघ्र ही स्वयं बोह घाटी का दौरा करेंगे और आपदा से हुए नुकसान का स्थल पर जाकर प्रत्यक्ष आकलन करेंगे।
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मौसम विभाग की चेतावनी के बीच सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी भारी बारिश की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री ने बोह घाटी और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों से अत्यधिक सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने का आग्रह किया है।
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वहीं, उपायुक्त हेमराज बैरवा ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन की टीमें पूरी तरह मुस्तैद हैं और प्रभावितों की हरसंभव मदद के लिए रात-दिन कार्य कर रही हैं।



