‘नीट’ पर केंद्र की सख्त कार्रवाई, लेकिन सुक्खू सरकार ने पेपर लीक के दोषियों को किया पुरस्कृत: जयराम ठाकुर
"सुक्खू सरकार ने दबाई सीबीआई रिपोर्ट, संदिग्धों को दिए अहम पद"

VIDYA SAGAR
शिमला (22 जुलाई, 2026)
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पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य की कांग्रेस सरकार और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व पर तीखा जुबानी हमला बोला है। शिमला से जारी एक आधिकारिक बयान में जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि जहां केंद्र की मोदी सरकार ने नीट (NEET) परीक्षा में अनियमितताओं के मामले में तुरंत और सख्त कदम उठाए, वहीं हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने पेपर लीक के दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें पुरस्कृत करने का काम किया है।
“केंद्र ने पारदर्शिता के साथ की कार्रवाई, परिणाम भी हुए घोषित”
जयराम ठाकुर ने केंद्र सरकार के कदमों का ब्यौरा देते हुए कहा:
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तत्काल सीबीआई जांच: नीट मामले में केंद्र सरकार ने बिना किसी देरी के जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी, दोषियों को गिरफ्तार किया और पारदर्शी तरीके से पुनर्परीक्षा कराई।
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सख्त कानूनी प्रावधान: पुनर्परीक्षा का परिणाम घोषित हो चुका है और दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई जारी है। केंद्र सरकार भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून बना रही है।
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युवाओं के भविष्य की सुरक्षा: उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं है।

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“सुक्खू सरकार ने दबाई सीबीआई रिपोर्ट, संदिग्धों को दिए अहम पद”
हिमाचल प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है:
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सीबीआई सिफारिशों की अनदेखी: जयराम ठाकुर का दावा है कि पेपर लीक मामलों में सीबीआई द्वारा कार्रवाई की सिफारिश किए जाने के बावजूद सुक्खू सरकार ने जांच रिपोर्ट को दबा दिया।
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महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती: जिन अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे थे, उन पर जवाबदेही तय करने के बजाय उन्हें राज्य प्रशासन में महत्वपूर्ण पदों से नवाजा गया।
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पुलिस भर्ती में लीपापोती: हालिया पुलिस भर्ती परीक्षा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मास चीटिंग के साक्ष्य और मनी ट्रेल पकड़े जाने के बावजूद सरकार ने मामले को दबाने की कोशिश की और पीड़ित छात्रों की बात तक नहीं सुनी।
राहुल गांधी से सवाल और कांग्रेस पर अराजकता फैलाने का आरोप
कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को घेरते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी को नीट मुद्दे पर देश भर में राजनीति करने या युवाओं को भड़काने से पहले अपनी पार्टी के मुख्यमंत्री से जवाब मांगना चाहिए।
“राहुल गांधी को युवाओं के नाम पर राजनीति करने से पहले हिमाचल के मुख्यमंत्री से पूछना चाहिए कि आखिर पेपर लीक के मामलों में दोषियों को बचाने का प्रयास क्यों किया गया। जो सरकार अपराधियों को संरक्षण देती है, उसे नैतिकता की बात करने का कोई अधिकार नहीं है।”
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता में रहते हुए कभी पेपर लीक नहीं रोक पाई और अब विपक्ष में रहकर देश की राजधानी में अराजकता, आगजनी और हिंसा फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।



