शिक्षक दिवस से पहले नई कॉम्प्लेक्स प्रणाली पर उचित निर्णय का आश्वासन: मुख्यमंत्री
प्राथमिक शिक्षकों की निलंबन कार्रवाई, एफआईआर और विभागीय जांचें होंगी वापस; JBT को मिलेगी TGT पदोन्नति

VIDYA SAGAR
शिमला, 26 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्राथमिक शिक्षकों को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार शिक्षक दिवस (5 सितंबर) से पहले नई कॉम्प्लेक्स प्रणाली पर उचित निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस व्यवस्था की सहानुभूतिपूर्वक समीक्षा करेगी और यह तय करेगी कि इसमें आवश्यक सुधार किए जाएं या इसे पूरी तरह से वापस लिया जाए।
आज शिमला के चौड़ा मैदान में आयोजित प्राथमिक शिक्षक संघ की आम सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और शिक्षक संघ के बीच होने वाली आगामी बैठक में इस विषय पर निष्पक्ष एवं सहानुभूतिपूर्ण निर्णय लिया जाएगा।
[थंबनेल / मुख्य तस्वीर के लिए सुझाव]
📸 दृश्य विवरण: शिमला के चौड़ा मैदान में प्राथमिक शिक्षक संघ की आम सभा को संबोधित करते मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू; सामने उपस्थित भारी संख्या में प्राथमिक शिक्षक।
कैप्शन: चौड़ा मैदान, शिमला में प्राथमिक शिक्षक संघ की आम सभा को संबोधित करते मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू।
शिक्षकों के लिए मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के कल्याण और मांगों को लेकर कई महत्वपूर्ण राहतों का ऐलान किया:
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कार्रवाइयां रद्द करने की घोषणा: प्राथमिक शिक्षकों के विरुद्ध की गई निलंबन की कार्रवाइयों, विभागीय जांचों और दर्ज एफआईआर को तुरंत वापस लिया जाएगा।
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अधिकार रहेंगे सुरक्षित: मुख्य अध्यापकों, केंद्र मुख्य अध्यापकों तथा खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों के अधिकारों व शक्तियों में कोई कटौती नहीं की जाएगी।
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JBT पदोन्नति: जेबीटी (JBT) शिक्षकों को टीजीटी (TGT) पदों पर पदोन्नति (Promotion) प्रदान की जाएगी।
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खेल गतिविधियां: प्राथमिक विद्यालयों में स्थगित खेल गतिविधियों को पुनः शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राथमिक शिक्षक संघ की मांगों पर हाल ही में सचिवालय में संघ के प्रतिनिधियों के साथ विस्तार से चर्चा की जा चुकी है और शिक्षकों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा।
प्राथमिक शिक्षा में सुधार और OPS का जिक्र
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अंग्रेजी माध्यम व सीबीएसई स्कूल: मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राथमिक स्तर पर अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा पहले ही शुरू की जा चुकी है। इसके अलावा, सीबीएसई (CBSE) विद्यालयों में प्रधानाचार्यों की नियुक्ति लगभग पूरी हो चुकी है और शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।
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पुरानी पेंशन योजना (OPS): ओपीएस बहाली का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं स्वयं एक सरकारी कर्मचारी का बेटा हूं। मंत्रिमंडल की पहली बैठक में 1.36 लाख कर्मचारियों के लिए ओपीएस इसलिए बहाल की गई ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानजनक जीवन मिल सके।” उन्होंने बताया कि एनपीएस के तहत कई कर्मचारियों को मात्र ₹3,000 पेंशन मिल रही थी, जो अब ओपीएस के तहत लगभग ₹30,000 मासिक हो गई है।
राज्य के संसाधनों और अधिकारों की सुरक्षा का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के अधिकारों और संसाधनों की सुरक्षा के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। उन्होंने विपक्ष (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद होने और लगभग ₹10,000 करोड़ की देनदारियों का बोझ वर्तमान सरकार पर छोड़ा गया। उन्होंने प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए सभी से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।



