हिमाचल में बागवानी क्रांति: मंत्री जगत सिंह नेगी ने ‘HPSHIVA’ प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की
एडीबी (ADB) वित्त पोषित 3000 हेक्टेयर का लक्ष्य जल्द होगा पूरा; दूसरे चरण का सर्वे जारी और ढिलाई बरतने वाले ठेकेदारों पर गिरी गाज

VIDYA SAGAR
शिमला | 6 अगस्त, 2026
हिमाचल प्रदेश के बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज एशियाई विकास बैंक (ADB) द्वारा वित्त पोषित ‘HPSHIVA’ (हिमाचल प्रदेश उपोष्णकटिबंधीय बागवानी, मूल्य संवर्धन और उत्पादकता वृद्धि) परियोजना की प्रगति की गहन समीक्षा की। यह महत्वाकांक्षी परियोजना राज्य के 7 प्रमुख जिलों—बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर और ऊना—में कार्यान्वित की जा रही है।

🌳 फेज-1: 1543 हेक्टेयर में पौधारोपण पूरा, 10,646 परिवारों को लाभ
समीक्षा बैठक के दौरान बागवानी मंत्री ने बताया कि परियोजना के प्रथम चरण (Phase-I) के तहत निर्धारित 3,000 हेक्टेयर के कुल लक्ष्य में से अब तक 2,612 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जा चुका है।
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पौधारोपण की स्थिति: 1,543 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण पूरा हो चुका है। चालू मानसून/बरसात के मौसम में लगभग 1,000 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में पौधे लगाए जाएंगे।
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शीतकालीन फसलें: प्लम (Plum) और पर्सिमोन (Persimmon) जैसी सर्दियों की फसलों का शेष क्षेत्र जनवरी-फरवरी 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा।
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क्लस्टर और लाभार्थी: 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए कुल 331 क्लस्टर अंतिम रूप से तैयार किए जा चुके हैं, जिससे राज्य के लगभग 10,646 किसान परिवार सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं।
📋 फेज-2: 2500 हेक्टेयर की पहचान, ADB से तकनीकी मंजूरी का इंतजार
मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि HPSHIVA फेज-2 के लिए सर्वे का काम तेजी से चल रहा है:
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द्वितीय चरण के तहत लगभग 2,500 हेक्टेयर क्षेत्र की पहचान की गई है, जिनमें से 2,153 हेक्टेयर में विस्तृत सर्वे जारी है।
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लगभग 1,200 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए DPR (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर तकनीकी मंजूरी के लिए एशियाई विकास बैंक (ADB) को भेज दी गई है।
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ADB की मंजूरी मिलते ही अगस्त के अंतिम सप्ताह से निविदा (तेंदूपत्र/Tendering) प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
⚠️ धीमी गति पर सख्त रुख: ठेकेदारों पर जुर्माना और बिल रोके गए
बैठक में बागवानी मंत्री ने सोलर फेंसिंग, खेत की तैयारी, ड्रिप सिंचाई और लिफ्ट सिंचाई योजनाओं जैसे नागरिक कार्यों (Civil Works) की भी समीक्षा की।
काम में लापरवाही और धीमी गति पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मंत्री ने:
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बार-बार चेतावनी के बावजूद काम में ढिलाई बरतने वाले दो ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया।
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अधिकारियों को निर्देश दिया कि जब तक ठेकेदार क्लस्टर साइटों पर आवश्यकतानुसार पर्याप्त मैनपावर तैनात नहीं करते, तब तक उनके सभी बिल रोक दिए जाएं।




