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श्री पेजावर मठ भारत की आध्यात्मिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण में निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका: राज्यपाल

मठों द्वारा सामाजिक समरसता और सार्वभौमिक भाईचारे को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की युवा पीढ़ी को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का किया आहवान

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11 सितम्बर, 2026

(Viren Thakur)

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज नई दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री पेजावर मठ का दौरा किया। यह मठ उडुपी मठ की एक इकाई है। इस दौरान उन्होंने श्री पेजावर अधोक्षज मठ, उडुपी के 33वें पीठाधिपति श्री श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी से भेंट की।

राज्यपाल का मठ पहुंचने पर गुरुकुल के विद्यार्थियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्वागत किया गया।

श्री श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी ने राज्यपाल को पेजावर मठ द्वारा शिक्षा, आध्यात्मिकता, सामाजिक सेवा और सामुदायिक कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मठ द्वारा वसंत कुंज में भी एक गुरुकुल का संचालन किया जा रहा है, जहां विद्यार्थियों को समग्र वातावरण में पारंपरिक भारतीय एवं मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान की जा रही है।

राज्यपाल ने देशभर में मठों और आध्यात्मिक संस्थानों द्वारा सामाजिक समरसता, सार्वभौमिक भाईचारे तथा भारत के महान दार्शनिक संतों की शिक्षाओं को बढ़ावा देने में निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने सामाजिक सेवा, शिक्षा, आध्यात्मिकता और सामुदायिक कल्याण के क्षेत्र में इन संस्थानों के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ये संस्थान भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के महत्वपूर्ण केंद्र रहे हैं तथा सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी मजबूत कर रहे हैं।

राज्यपाल ने पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के संरक्षण और मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान करने के लिए मठ के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुरुकुल परंपरा भारत की स्वदेशी शैक्षणिक विरासत का एक महत्वपूर्ण आयाम है, जहां शिक्षा को अनुशासन, चरित्र निर्माण, आध्यात्मिकता, सेवा और समाज के प्रति सम्मान के साथ जोड़ा जाता है।

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कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि भारत के महान संतों और दार्शनिकों की शिक्षा में सदैव सद्भाव, करुणा, सेवा और सार्वभौमिक भाईचारे के आदर्शों पर बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि मठों और अन्य आध्यात्मिक संस्थानों ने इन मूल्यों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और आज के समाज में भी इनकी प्रासंगिकता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

राज्यपाल ने युवा पीढ़ी को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान से अवगत कराने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में तीव्र तकनीकी और सामाजिक बदलाव समाज को निरंतर प्रभावित कर रहे हैं, ऐसे में युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना और भी महत्वपूर्ण हो गया है।

राज्यपाल ने श्री श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी से प्रदेशवासियों के लिए आशीर्वाद की कामना करते हुए समाज के कल्याण तथा भारत की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के लिए मठ द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद, दिल्ली के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड ब्रदरहुड ऑर्गनाइजेशन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष कपिल खन्ना तथा इंडियन यूथ पार्लियामेंट के राष्ट्रीय संयोजक आशुतोष जोशी भी उपस्थित थे।

 

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