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हिमाचल का इतिहास, अर्थव्यवस्था, बोलियां, राजनीति और व्यंजन छठी से आठवीं कक्षा के पाठ्यक्रम में होंगे शामिल: रोहित ठाकुर

शैक्षणिक सत्र 2027-28 से स्कूलों में लागू होंगी नई किताबें, एक माह के भीतर पाठ्यक्रम को दिया जाएगा अंतिम रूप

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VIDYA SAGAR

शिमला (30 जुलाई, 2026) — हिमाचल प्रदेश के स्कूली बच्चों को अब अपने राज्य के समृद्ध इतिहास, संस्कृति, व्यंजनों और अर्थव्यवस्था के बारे में विस्तार से पढ़ने का मौका मिलेगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में छठी से आठवीं कक्षा तक की पुस्तकों में व्यापक सुधार एवं बदलाव को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

सरकार का उद्देश्य राज्य के भौगोलिक, सामाजिक, ऐतिहासिक और लोक सांस्कृतिक मूल्यों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाकर विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जोड़ना है।


📚 नए पाठ्यक्रम में शामिल होंगे यह प्रमुख विषय

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि छठी, सातवीं और आठवीं कक्षा के पाठ्यक्रमों में निम्नलिखित विषयों को रोचक और तथ्यपरक तरीके से जोड़ा जाएगा:

  • 🏛️ इतिहास एवं निर्माण: हिमाचल के प्रागैतिहासिक काल से लेकर राज्य निर्माण तक की यात्रा।

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  • 🗣️ भाषा एवं संस्कृति: प्रदेश की स्थानीय बोलियां, पारंपरिक व्यंजन और लोक सांस्कृतिक मूल्य।

  • 🎖️ गौरवगाथा: स्वतंत्रता सेनानियों, कारगिल विजेताओं और वीर सैनिकों के योगदान की कहानियां।

  • 📈 अर्थव्यवस्था व राजनीति: हिमाचल के समक्ष चुनौतियां, राज्य की अर्थव्यवस्था और राजनीतिक परिदृश्य।


🗓️ 2027-28 के शैक्षणिक सत्र से शुरू होगी पढ़ाई

शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि नए पाठ्यक्रम की पाठ्यसामग्री को एक माह के भीतर अंतिम रूप दिया जाए ताकि पुस्तकों का प्रकाशन समय पर पूरा हो सके।

शिक्षा मंत्री का वक्तव्य:

“हिमाचल प्रदेश पर आधारित व्यावहारिक और प्रामाणिक जानकारी से विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक सोच और गहराई से जानने की जिज्ञासा जागृत होगी। यह ज्ञान उन्हें भविष्य की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बढ़त दिलाएगा।”


👥 कमेटी कर रही है नियमित समीक्षा

पाठ्यक्रम में बदलाव और सुधार के लिए गठित विशेष कमेटी की नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

  • कमेटी के सदस्य: शिक्षा सचिव, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE), एससीईआरटी (SCERT) के प्रतिनिधि और सहायक प्रोफेसर शामिल हैं।

  • बैठक में उपस्थित अधिकारी: सचिव शिक्षा राकेश कंवर, राज्य परियोजना निदेशक (समग्र शिक्षा) राजेश शर्मा, शिक्षा बोर्ड सचिव अंकुश शर्मा, निदेशक उच्च शिक्षा सुनीता सिंह और SCERT की प्रिंसिपल डॉ. रितु शर्मा सोनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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