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केंद्र सरकार की स्वास्थ्य संबंधी पहलें भारत की स्वास्थ्य सेवाओं के परिदृश्य को नई दिशा दे रही हैं: कविन्द्र गुप्ता

पालमपुर में नॉर्थ जोन ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी के 38वें वार्षिक सम्मेलन में की शिरकत

30 अक्तूबर, 2026

(Viren Thakur)

आयुष्मान भारत सहित केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाएं अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और सामर्थ्य को बना रही हैं मजबूत

प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में नेत्र चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों और विशेषज्ञ संगठनों से किया आह्वान

हिमाचल में 320 अतिरिक्त पीजी मेडिकल सीटों के लिए 415 करोड़ रुपये के केंद्रीय आवंटन की सराहना की

सम्मेलन में भाग लेने आए प्रतिनिधियों और चिकित्सा विशेषज्ञों से प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठों के दर्शन करने का किया आग्रह

 

भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में व्यापक बदलाव देखने को मिला है। केंद्र सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, किफायती और समावेशी बनाने के उद्देश्य से अनेक ऐतिहासिक पहल की गई हैं। स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार, स्वास्थ्य बीमा के व्यापक दायरे, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा डिजिटल तकनीक के समावेश से स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसका विशेष लाभ ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिल रहा है।

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यह बात राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज जिला कांगड़ा के पालमपुर में नॉर्थ जोन ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी के 38वें वार्षिक सम्मेलन एवं हिमाचल प्रदेश ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी की वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहा यह परिवर्तन केवल चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की समान पहुंच सुनिश्चित करना तथा विकास प्रक्रिया के केंद्र में नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण को प्राथमिकता देना है।

राज्यपाल ने कहा कि आयुष्मान भारत, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन जैसी योजनाएं देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और अंतिम व्यक्ति तक किफायती चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयुवर्ग के वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान भारत योजना के स्वास्थ्य कवरेज के विस्तार को एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य, सम्मान और बेहतर जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता परिलक्षित होती है।

प्रदेश में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा की 320 नई सीटें स्वीकृत किए जाने तथा इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा 415 करोड़ रुपये की राशि आवंटित किए जाने का स्वागत करते हुए राज्यपाल ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने तथा प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।

राज्यपाल ने नॉर्थ जोन ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी, हिमाचल प्रदेश ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी तथा पालमपुर रोटरी आई फाउंडेशन को इस सम्मेलन के आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन वैज्ञानिक ज्ञान, व्यावसायिक अनुभव और नवीन चिकित्सा पद्धतियों के आदान-प्रदान के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं। इससे मरीजों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध करवाने में सहायता मिलती है।

श्री गुप्ता ने नेत्र स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आंखों की रोशनी की रक्षा करना और रोकी जा सकने वाली अंधता की रोकथाम करना केवल चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों की व्यावसायिक जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि मानवता की महान सेवा भी है। उन्होंने कहा कि नैदानिक तकनीकों में प्रगति, आधुनिक शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं, रेटिना संबंधी उपचारों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सहित उभरती तकनीकों ने नेत्र रोगों की शीघ्र पहचान और उपचार के नए अवसर प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान की वास्तविक सफलता इसी में निहित है कि इन आधुनिक सुविधाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे।

राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों से जुड़ी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, लंबी दूरियां, सीमित परिवहन सुविधाएं तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों तक पर्याप्त पहुंच का अभाव दूरदराज के क्षेत्रों में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने में बाधा बनते हैं। उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों में नेत्र चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों, निजी स्वास्थ्य संगठनों, विशेषज्ञ चिकित्सा समितियों तथा सेवा संगठनों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति अथवा भौगोलिक परिस्थितियां गुणवत्तापूर्ण नेत्र उपचार प्राप्त करने में बाधा नहीं बननी चाहिए।

राज्यपाल ने सम्मेलन में भाग ले रहे नेत्र रोग विशेषज्ञों एवं स्वास्थ्य पेशेवरों से हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप व्यावहारिक रणनीतियां तैयार करने तथा दूरदराज एवं दुर्गम क्षेत्रों में विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सा सेवाएं सुलभ बनाने की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सम्मेलन में शामिल प्रतिनिधियों एवं बाहर से आए चिकित्सा विशेषज्ञों से हिमाचल प्रदेश के पावन शक्तिपीठों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समृद्ध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत इसकी पहचान का अभिन्न अंग है।

इस अवसर पर राज्यपाल ने डॉ. सुधीर सल्होत्रा को नॉर्थ जोन ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी के 38वें अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करवाया तथा चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. सूरत सिंह को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया। उन्होंने एनजेडओएस जर्नल जारी किया तथा हिमाचल प्रदेश ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी की वेबसाइट का भी शुभारंभ किया।

राज्यपाल ने सम्मेलन के आयोजन से जुड़े चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों, आयोजकों तथा अन्य सभी हितधारकों के योगदान की सराहना की। उन्होंने सम्मेलन में भाग ले रहे सभी नेत्र रोग विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, युवा चिकित्सकों एवं प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं दीं।

इससे पूर्व, नॉर्थ जोन ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. गौरव लूथरा तथा पालमपुर रोटरी आई फाउंडेशन के निदेशक डॉ. सुधीर सल्होत्रा ने राज्यपाल का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

डॉ. सुधीर सल्होत्रा ने अपने संबोधन में नॉर्थ जोन ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी (एनजेडओएस) की भूमिका एवं योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संस्था नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने, पेशेवर सहयोग को सुदृढ़ करने तथा नेत्र रोग विशेषज्ञों को अपने ज्ञान एवं अनुभव साझा करने और नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में नवीनतम विकास पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. राम लाल शर्मा, पालमपुर रोटरी आई फाउंडेशन के अध्यक्ष के.जी. बुटेल, सोसाइटी के सदस्य तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

 

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