धरोहर का पुनर्जागरण: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने दिल्ली में पुस्तक ‘शारदा पीठ-सती देश कश्मीर’ का किया विमोचन

14/05/2026-VIDYA SAGAR
नई दिल्ली/शिमला – जम्मू-कश्मीर की प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री कविन्द्र गुप्ता ने आज देश की राजधानी नई दिल्ली में विश्व हिन्दू पीठ के अध्यक्ष आचार्य मदन द्वारा रचित शोध आधारित पुस्तक ‘शारदा पीठ-सती देश कश्मीर’ का विधिवत विमोचन किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने शारदा पीठ को भारत की गौरवशाली सभ्यता और सनातन परंपरा के ज्ञान का शाश्वत केंद्र बताया।

युवा पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज
पुस्तक का विमोचन करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आचार्य मदन की यह कृति केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर की पुरातन आध्यात्मिक और शैक्षिक विरासत का एक जीवंत दस्तावेज है। उन्होंने जोर देकर कहा:-
“शारदा पीठ ऐतिहासिक रूप से भारतीय उपमहाद्वीप के विद्वानों और संतों के लिए ज्ञान का सर्वोच्च शिखर रहा है। यह पुस्तक हमारी युवा पीढ़ी को राष्ट्र की समृद्ध विरासत और कश्मीर की वास्तविक पहचान से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगी।”

ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश
राज्यपाल ने कश्मीर के गौरवशाली अतीत को याद करते हुए कहा कि कश्मीर सदियों से शिक्षा और अध्यात्म का केंद्र रहा है। इस पुस्तक में मां शारदा से जुड़ी प्राचीन परंपराओं और शारदा सभ्यता की सांस्कृतिक विद्वता के बारे में गहन जानकारियां संकलित की गई हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह शोध आने वाले समय में सार्थक शैक्षणिक विमर्श को प्रेरित करेगा।
पुनर्जागरण का प्रयास: आचार्य मदन
लेखक और विश्व हिन्दू पीठ के अध्यक्ष आचार्य मदन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस पुस्तक का मुख्य उद्देश्य प्राचीन भारत के सबसे महत्वपूर्ण ज्ञान केंद्र ‘शारदा पीठ’ के महत्व को समाज के सामने लाना और इसकी सांस्कृतिक पहचान को पुनर्जीवित करना है। उन्होंने ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया।
उपस्थिति: इस गरिमामयी कार्यक्रम में शारदा हिंदू पीठ से जुड़े प्रमुख विद्वान, बुद्धिजीवी, श्रद्धालु, जसबीर सिंह खुराना और संजय कुमार मैनी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।



