सुक्खू सरकार का पलटवार: ‘भाजपा शासन में नीलाम हुए भर्ती पेपर, कांग्रेस कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं’
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनी राम शांडिल और कृषि मंत्री चन्द्र कुमार का जेपी नड्डा पर बड़ा हमला; कहा—झूठ बोलकर जनता को गुमराह न करे भाजपा

VIDYA SAGAR
शिमला, 23 जुलाई 2026
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हिमाचल प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक मुद्दे को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और केंद्रीय नेतृत्व के बयानों पर पलटवार करते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनी राम शांडिल तथा कृषि मंत्री चन्द्र कुमार ने साझा प्रेस वक्तव्य जारी कर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। दोनों कैबिनेट मंत्रियों ने केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा पर झूठ बोलकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है।
“भाजपा सरकार में सजी थी भर्ती पेपरों की मंडी”
दोनों मंत्रियों ने आरोप लगाया कि पिछली जयराम ठाकुर सरकार के कार्यकाल में नौकरियों की बोली लगती थी और बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया।
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पुलिस भर्ती और चयन आयोग में धांधली: मंत्रियों ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के दौरान पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ और तत्कालीन ‘हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ चयन आयोग’ (HPSSC) में खुलेआम पेपर बेचे जाते रहे, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सोते रहे और दोषियों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
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चहेतों को बांटी नौकरियां: भाजपा राज में योग्यता को दरकिनार कर केवल अपने चहेतों को नौकरियां बांटी गईं, जिससे लाखों बेरोजगार युवाओं के साथ छल हुआ।
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“कांग्रेस राज में दोषियों को भेजा जेल, भंग किया अधीनस्थ चयन आयोग”
मंत्रियों ने सुक्खू सरकार की उपलब्धियों और पारदर्शिता का ब्योरा देते हुए कहा:-
“मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार बनते ही पेपर लीक माफिया पर कड़ा प्रहार किया गया। भ्रष्टाचारियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया। पारदर्शिता लाने के लिए पुरानी व्यवस्था (अधीनस्थ चयन आयोग) को भंग कर राज्य चयन आयोग का गठन किया गया। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है और सभी भर्तियां पूरी तरह से मेरिट के आधार पर की जा रही हैं।”
— डॉ. धनी राम शांडिल एवं चन्द्र कुमार (कैबिनेट मंत्री)
“नड्डा का बयान भाजपा के अपने पापों की याद दिलाता है”
दोनों मंत्रियों ने जेपी नड्डा के बयान पर कहा कि हिमाचल के संदर्भ में पेपर लीक का मुद्दा उठाना भाजपा को अपने ही शासनकाल की नाकामियों और पापों की याद दिलाता है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई है, ऐसे में तथ्यों के विपरीत बयानबाज़ी करना सर्वथा अनुचित है।
NEET धांधली और युवाओं पर लाठीचार्ज को लेकर केंद्र पर निशाना
मंत्रियों ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि भाजपा के शासन में देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने का रिकॉर्ड बना है।
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NEET परीक्षा विवाद: हाल ही में नीट (NEET) परीक्षा में हुए बड़े पैमाने पर विवाद ने देशभर के करोड़ों परीक्षार्थियों और अभिभावकों का भविष्य अंधकार में डाल दिया है, जिस पर केंद्र सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए।
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प्रदर्शनकारियों पर बर्बरता: जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्राओं की आवाज दबाने के लिए केंद्र सरकार ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज कराया, जिसकी कांग्रेस सरकार कड़े शब्दों में निंदा करती है।
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संपादकीय टिप्पणी: राज्य में भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। जहां एक ओर कांग्रेस अपनी ‘राज्य चयन आयोग’ व्यवस्था को ऐतिहासिक सुधार बता रही है, वहीं भाजपा पिछले मामलों की जांच को लेकर सरकार पर सवाल उठा रही है।



