हिमाचल के सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ी रफ्तार: लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से की भेंट
बंजार-औट मार्ग के सुधार के लिए ₹25.11 करोड़ मंजूर; ₹1775 करोड़ की जलोड़ी सुरंग परियोजना में तेजी लाने का निर्देश

शिमला | 6 अगस्त, 2026
हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से औपचारिक मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान हिमाचल प्रदेश की प्रमुख सड़क परियोजनाओं, सुरंग निर्माण और अवसंरचना विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हिमाचल प्रदेश में सड़क नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण और विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का पूर्ण आश्वासन दिया।
🛣️ बंजार-औट मार्ग और जलोड़ी सुरंग को हरी झंडी
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-305 के अंतर्गत सैंज-लुहरी-बंजार-औट मार्ग पर बंजार से औट तक की सड़क के सुधार और टारिंग (तारकोल बिछाने) कार्य के लिए ₹25.11 करोड़ की राशि जारी करने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
इसके अलावा, सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण जलोड़ी सुरंग (Jalori Tunnel Project) के लिए ₹1,775 करोड़ की स्वीकृति प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने का आग्रह किया गया, जिस पर नितिन गडकरी ने मंत्रालय के अधिकारियों को जल्द से जल्द औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए।
🍎 सेब बहुल क्षेत्रों को मिलेगी बड़ी राहत: ₹239.45 करोड़ की योजनाएं मंजूर
लोक निर्माण मंत्री ने वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (CRIF) के तहत ₹239.45 करोड़ की लागत वाली दो बड़ी परियोजनाओं को स्वीकृति देने के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया। इन परियोजनाओं के अपग्रेडेशन से राज्य के सेब उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा:
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टिक्कर-जरोल-गाहन-ननखड़ी-खमाड़ी सड़क
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छैला-नेरीपुल-यशवंतनगर-कुमारहट्टी सड़क
🌉 अन्य प्रमुख मांगें और वित्तीय सहायता
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नगरोटा बगवां-रानीताल सड़क (NH-303): इस मार्ग के सुधार के लिए ₹395 करोड़ उपलब्ध कराने की मांग पर केंद्रीय मंत्री ने सैद्धांतिक सहमति दी।
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सेतु बंधन परियोजना: प्रदेश में नए पुलों के निर्माण के लिए ₹3.46 करोड़ जारी करने का अनुरोध किया गया।
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वार्षिक आवंटन में बढ़ोतरी: हिमाचल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विक्रमादित्य सिंह ने CRIF के तहत वार्षिक बजट आवंटन को बढ़ाकर ₹200 करोड़ करने तथा सेतु बंधन योजना के तहत अधिक परियोजनाओं को मंजूरी देने की मांग रखी।




