
कुरुक्षेत्र ट्रिपल सुसाइड केस: 3 साल की बेटी की गंभीर बीमारी से तंग आकर परिवार ने किया ‘सुसाइड’; पुलिस जांच में जुटी
[कुरुक्षेत्र, हिमाचल न्यूज़ डेली, अप्रैल 2026] – हरियाणा के कुरुक्षेत्र से एक अत्यंत दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक दंपती ने अपनी मासूम बेटी की जान ले ली और फिर खुद फांसी के फंदे पर लटक गए। यह घटना कुरुक्षेत्र की प्रेम नगर कॉलोनी में हुई है।
कुरुक्षेत्र ट्रिपल सुसाइड: लाचारी की इंतहा या सिस्टम की हार?
मुख्य बिंदु:
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बीमारी का बोझ: 3 साल की अद्विका के दिमाग में पानी भरा हुआ था और उसे अक्सर दौरे पड़ते थे। इलाज के बावजूद सुधार न होने से माता-पिता गहरे अवसाद में थे।
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शौक और यादें: जतिंद्र को गाड़ियों का शौक था, लेकिन अंत में उसकी थार केवल उसकी बेटी की ‘निशानी’ बनकर रह गई।
घटना का विवरण: जतिंद्र उर्फ जतिन (30) और उनकी पत्नी मंजू उर्फ युक्ता (28) ने अपनी 3 साल की बेटी अद्विका को फांसी लगाने के बाद खुद भी पंखे से लटककर अपनी जान दे दी। जतिंद्र रेलवे मेल सर्विस में कार्यरत था।
सुसाइड नोट का खौफनाक संदेश: जतिंद्र ने सुसाइड से पहले अपने भाई को एक संदेश भेजा, जिसमें लिखा था: “थार (गाड़ी) में अद्विका की निशानी है… उसमें उसका स्टिकर है, उसे याद के तौर पर रख लेना। लैपटॉप में भी उसकी फोटो है, उसे हटाना मत।” यह संदेश परिवार के लिए और भी दुखद है।
पिता का अंतिम संदेश (Suicide Note Summary)
जतिंद्र ने अपनी जान देने से पहले अपने भाई को भेजे गए व्हाट्सएप मैसेज में जो लिखा, वह उसकी अपनी बेटी के प्रति अगाध प्रेम और उस लाचारी को दर्शाता है जिसने उसे यह कदम उठाने पर मजबूर किया:
“थार (गाड़ी) में अद्विका की निशानी है… उसमें पीछे की तरफ उसका स्टिकर लगा है, उसे मेरी याद के तौर पर हमेशा संभाल कर रख लेना। लैपटॉप में भी उसकी बहुत सी फोटो और यादें हैं, उन्हें कभी डिलीट मत करना, उसे वहां से हटाना मत।”
पुलिस जांच और कारण: फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. नरेश सैनी के मुताबिक, दंपती ने पहले अपनी बेटी को फांसी लगाई और फिर खुद फंदे पर लटक गए। पुलिस के अनुसार, यह एक ‘ट्रिपल सुसाइड’ का मामला है।
कुरुक्षेत्र पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।



