12वीं पास छात्र बना साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, IIT कानपुर में मिली बड़ी जिम्मेदारी
प्रतिभा का कमाल: CBSE की सुरक्षा खामियां उजागर करने वाले युवा को IIT कानपुर ने किया नियुक्त

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कानपुर: 11/June/2026
12वीं पास छात्र ने साइबर सुरक्षा में दिखाई असाधारण प्रतिभा, IIT कानपुर ने OSINT और थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर के पद पर किया नियुक्त
नई दिल्ली। महज 19 वर्ष की उम्र में निसर्ग अधिकारी ने अपनी तकनीकी प्रतिभा और साइबर सुरक्षा कौशल से देशभर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। 12वीं की पढ़ाई पूरी करने वाले निसर्ग ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल में मौजूद कई गंभीर सुरक्षा खामियों का पता लगाया, जिसके बाद देश की प्रमुख तकनीकी संस्थाओं में से एक IIT कानपुर ने उन्हें नौकरी का अवसर प्रदान किया है।
निसर्ग अधिकारी ने एक ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से CBSE के OSM पोर्टल में मौजूद पांच महत्वपूर्ण सुरक्षा कमजोरियों को उजागर किया। इनमें संवेदनशील डेटा की सुरक्षा से जुड़ी कई खामियां शामिल थीं। उन्होंने इस संबंध में 25 फरवरी को भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) को सूचना दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित एजेंसियों ने जांच शुरू की और बाद में पोर्टल को अस्थायी रूप से बंद कर आवश्यक सुरक्षा सुधार किए गए। निसर्ग के इस जिम्मेदार और तकनीकी रूप से मजबूत कार्य की व्यापक सराहना हुई।
निसर्ग की प्रतिभा से प्रभावित होकर IIT कानपुर के टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब C3iHub ने उन्हें ‘ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) एवं थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर’ के पद पर नियुक्त किया है। संस्थान का मानना है कि युवा प्रतिभाओं को अवसर देकर देश की साइबर सुरक्षा क्षमता को और मजबूत बनाया जा सकता है। निसर्ग ने बताया कि उन्होंने 6-7 वर्ष की उम्र में ही कोडिंग सीखना शुरू कर दिया था। वर्तमान में उनका पूरा ध्यान साइबर सुरक्षा और तकनीकी नवाचारों पर केंद्रित है। उनका लक्ष्य ऐसे डिजिटल उत्पाद विकसित करना है, जिनका उपयोग वैश्विक स्तर पर किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि निसर्ग अधिकारी की सफलता देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है, जो यह दर्शाती है कि प्रतिभा और समर्पण के बल पर कम उम्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
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