विज़न 2047
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने IIT रुड़की में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का किया शुभारंभ

26/04/2026-VIDYA SAGAR
आत्मनिर्भर भारत 2.0: समावेशी विकास, तकनीकी नवाचार और दिव्यांगों के लिए ‘सुगम गतिशीलता’ पर जोर
रुड़की/शिमला, [आज की तारीख]: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की में ‘विजन 2047: समृद्ध और महान भारत 2.0’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य आगाज हुआ। राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस सम्मेलन का आयोजन स्वदेशी शोध संस्थान के सहयोग से किया गया है, जिसमें देश-विदेश के 100 से अधिक संस्थानों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
विकसित भारत के लिए सहयोगात्मक प्रयासों की आवश्यकता
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने अपने संबोधन में भारत की विकास यात्रा को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को एक समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लिए नीतिगत ढांचे, नवाचार और संस्थानों के बीच आपसी सहयोग अनिवार्य है। उन्होंने जोर दिया कि उच्च शिक्षण संस्थानों को राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभानी होगी।
ईवी प्रयोगशाला का निरीक्षण और नवाचार की सराहना
सम्मेलन के इतर राज्यपाल ने आईआईटी रुड़की की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) प्रयोगशाला का दौरा किया। वहां उन्होंने विद्युत गतिशीलता (e-mobility) और सतत परिवहन से जुड़े शोध कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया।
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नवाचार: उन्होंने शोधकर्ताओं द्वारा विकसित पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों की सराहना की।
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विशेष आकर्षण: राज्यपाल के समक्ष दिव्यांगजनों के लिए विकसित ‘सुगम गतिशीलता वाहन’ पेश किया गया। इसे याली मोबिलिटी ने आरती फाउंडेशन और भारी उद्योग मंत्रालय के सहयोग से तैयार किया है। राज्यपाल ने इसे सामाजिक समावेशन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया।
केंद्रीय मंत्रियों ने साझा किया विजन
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन को संबोधित किया। मंत्रियों ने तकनीकी नवाचार और रोजगार सृजन को विकसित भारत के रोडमैप का मुख्य आधार बताया। स्वदेशी जागरण मंच के सतीश कुमार ने भी आत्मनिर्भरता के आर्थिक पहलुओं पर विचार रखे।
प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजीत चतुर्वेदी, भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क के अध्यक्ष उपेंद्र राय, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल और एमनआईटी जयपुर के निदेशक प्रो. एन.पी. पाध्य सहित कई प्रतिष्ठित शिक्षाविद और नीति निर्माता उपस्थित रहे।



