हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला
सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की 30% ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट जारी करने के आदेश

26/04/2026-VIDYA SAGAR
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देश पर वित्त विभाग ने दी मंजूरी; 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए हजारों कर्मियों को मिलेगा सीधा लाभ।
शिमला: हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने प्रदेश के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों (Class-IV Employees) को बड़ी राहत प्रदान की है। मुख्यमंत्री के विशेष निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने 1 जनवरी, 2016 से 31 जनवरी, 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए या सेवाकाल के दौरान दिवंगत हुए कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट (छुटियों के बदले नकद भुगतान) की शेष 30 प्रतिशत बकाया राशि को तत्काल प्रभाव से जारी करने के आदेश दे दिए हैं।
प्रमुख बिंदु: किसे और कैसे मिलेगा लाभ?
सरकार के इस फैसले से उन हजारों परिवारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी जो लंबे समय से अपने बकाये का इंतजार कर रहे थे।
-
पात्रता अवधि: यह आदेश उन कर्मचारियों पर लागू होगा जो 1 जनवरी, 2016 से 31 जनवरी, 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए हैं।
-
पूर्ण भुगतान का लक्ष्य: इस 30% राशि के जारी होने के साथ ही, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट का शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित हो जाएगा।
-
समायोजन प्रक्रिया: सरकार पहले ही अंतरिम राहत की चार किस्तें और महंगाई भत्ते (DA) की 12 किस्तें जारी कर चुकी है। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि इन्हें पेंशन/पारिवारिक पेंशन के बकाये के साथ उचित रूप से समायोजित किया जाए।
“राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। यह निर्णय विशेष रूप से हमारे चतुर्थ श्रेणी के उन कर्मियों के प्रति आभार है जिन्होंने दशकों तक अपनी सेवाएं दी हैं।” > — शासकीय प्रवक्ता, हिमाचल प्रदेश सरकार
पेंशन वितरण प्राधिकरणों को सख्त निर्देश
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि संबंधित पेंशन वितरण प्राधिकरणों (Pension Disbursing Authorities) को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि भुगतान प्रक्रिया में कोई देरी न हो। अधिकारियों को यह सत्यापित करने का जिम्मा सौंपा गया है कि इस भुगतान के बाद इन कर्मचारियों का कोई भी बकाया शेष न रहे।



