हिमाचल की आर्थिकी पर पीएम का बयान तथ्यों से परे, केंद्र स्पष्ट करे देश के आर्थिक हालात: नरेश चौहान
आर्थिक संकट की ओर इशारा कर रहे प्रधानमंत्री के सुझाव

VIDYA SAGAR
शिमला | 14 मई, 2026 मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति और कर्मचारियों के वेतन को लेकर दिए गए हालिया बयान पर कड़ा पलटवार किया है। शिमला में जारी एक प्रेस वक्तव्य में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का बयान न केवल तथ्यों से परे है, बल्कि प्रदेश की छवि को धूमिल करने का एक राजनीतिक प्रयास भी है।
आर्थिक संकट की ओर इशारा कर रहे प्रधानमंत्री के सुझाव
नरेश चौहान ने प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से ईंधन की बचत, विदेशी यात्राओं में कटौती और सोने की खरीद पर संयम बरतने की अपील पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:-
“प्रधानमंत्री की यह अपील देश में गहराते आर्थिक संकट की ओर संकेत करती है। केंद्र सरकार को देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी कर जनता को सच बताना चाहिए। आज भारत दुनिया के सबसे अधिक कर्जदार देशों की सूची में खड़ा है, जिस पर केंद्र को जवाब देना होगा।”
हिमाचल की स्थिति मजबूत: कर्मचारियों के वेतन पर कोई संकट नहीं
प्रदेश की आर्थिकी का बचाव करते हुए चौहान ने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को वेतन और भत्ते देने में सरकार को कोई समस्या नहीं है। उन्होंने केंद्र से मांग की कि यदि उन्हें वास्तव में प्रदेश की चिंता है, तो:
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हिमाचल को विशेष आर्थिक पैकेज दिया जाए।
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बंद की गई आरडीजी (RDG) सहायता को तत्काल बहाल किया जाए।
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कांग्रेस सरकार द्वारा 1.36 लाख कर्मचारियों को ओपीएस (OPS) का लाभ देकर दी गई राहत को सराहा जाए।
नगर निगम चुनावों में कांग्रेस की लहर
आगामी नगर निगम चुनावों पर चर्चा करते हुए नरेश चौहान ने दावा किया कि चारों नगर निगमों में कांग्रेस को जनता का भारी समर्थन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मंडी से चुनाव प्रचार का शंखनाद कर दिया है और आगामी दिनों में वह पालमपुर, धर्मशाला और सोलन में जनसभाओं को संबोधित करेंगे।
साढ़े तीन साल की उपलब्धियां: शिक्षा और स्वास्थ्य में बड़े बदलाव
चौहान ने सरकार के साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने मुख्य उपलब्धियां गिनाईं:
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शिक्षा: पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम और 150 स्कूलों को सीबीएसई (CBSE) से जोड़ना।
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स्वास्थ्य: ₹1750 करोड़ की लागत से रोबोटिक सर्जरी और आधुनिक एमआरआई जैसी एडवांस तकनीक की शुरुआत।
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ग्रामीण आर्थिकी: दूध के खरीद मूल्य में ₹20 प्रति लीटर की वृद्धि, जिससे ग्रामीण परिवारों और महिलाओं की आय बढ़ेगी।
नीट (NEET) पेपर लीक पर केंद्र को घेरा
नीट पेपर लीक मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए नरेश चौहान ने कहा कि यह लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
विपक्ष पर हमला
भाजपा की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वे केवल भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन और जनहित को सर्वोपरि रखकर कार्य कर रही है।



