राज्यपाल ने लाडली फाउंडेशन के सामाजिक कार्यों को सराहा, ‘सशक्त नारी, सशक्त हिमाचल’ योजना का किया शुभारंभ
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और हस्तशिल्प उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए 'लाडली स्वरोजगार योजना' के पोस्टर का हुआ विमोचन

VIDYA SAGAR
शिमला, 02 जुलाई, 2026
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हिमाचल प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम उठाया गया है। लाडली फाउंडेशन, हिमाचल प्रदेश के पदाधिकारियों ने आज लोक भवन में राज्यपाल श्री कविन्द्र गुप्ता से शिष्टाचार भेंट की। इस विशेष अवसर पर राज्यपाल ने फाउंडेशन की महत्वाकांक्षी पहल ‘स्वरोजगार योजना – सशक्त नारी, सशक्त हिमाचल’ का आधिकारिक रूप से पोस्टर जारी किया।
स्वरोजगार और आर्थिक स्वतंत्रता पर जोर
लाडली फाउंडेशन द्वारा शुरू की गई इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं को स्वरोजगार के प्रति प्रोत्साहित कर उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना है। इस योजना के अंतर्गत:
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हस्तशिल्प को मिलेगा मंच: महिलाओं द्वारा अपने कौशल और हाथों से तैयार किए गए उत्पादों (Handicrafts) को एक नई पहचान मिलेगी।
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विपणन (Marketing) और बिक्री: महिलाओं को उनके उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और बिक्री के लिए उचित और व्यापक अवसर उपलब्ध करवाए जाएंगे।
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उद्यमिता का विकास: इस पहल से महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में महिला उद्यमिता (Women Entrepreneurship) को बढ़ावा मिलेगा।
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“मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है” – राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता
राज्यपाल ने इस उत्कृष्ट पहल के लिए लाडली फाउंडेशन को बधाई दी और योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। समाज में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए फाउंडेशन के समर्पित प्रयासों की उन्होंने खुलकर सराहना की।
श्री गुप्ता ने कहा, “मानव सेवा ही सही मायनों में ईश्वर सेवा है। समाज के समग्र विकास के लिए यह आवश्यक है कि प्रत्येक व्यक्ति सामाजिक कल्याण के कार्यों में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाए।” उन्होंने विश्वास जताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाले ऐसे कार्यक्रम एक सशक्त और समृद्ध हिमाचल प्रदेश के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
15 वर्षों से समाज सेवा में जुटा है लाडली फाउंडेशन
कार्यक्रम के दौरान, लाडली फाउंडेशन की प्रदेशाध्यक्ष शालू अख्तर और दीक्षा शर्मा ने राज्यपाल को सम्मानित किया। उन्होंने राज्यपाल को अवगत कराया कि फाउंडेशन पिछले 15 वर्षों से लगातार विभिन्न सामाजिक कल्याण गतिविधियों का सक्रिय रूप से संचालन कर रहा है।
पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ‘लाडली स्वरोजगार योजना’ का मूल लक्ष्य महिलाओं को उनके हस्तनिर्मित उत्पादों के जरिए स्थायी आजीविका (Sustainable Livelihood) के अवसर प्रदान कर उन्हें पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाना है।
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उपस्थित गणमान्य सदस्य: इस गरिमामयी अवसर पर लाडली फाउंडेशन की अन्य प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य भी मौजूद रहीं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थीं:
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गीतांजलि शर्मा
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मीनाक्षी शर्मा
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गीता सूद
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शीला सिंह
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नीतू



