नशे के खिलाफ मुख्यमंत्री का बड़ा कदम: राज्य में शुरू होगा ‘खेलो हिमाचल – चिट्टा मुक्त अभियान’
235 सर्वाधिक प्रभावित पंचायतों पर रहेगा विशेष फोकस

VIDYA SAGAR
शिमला (22 जुलाई, 2026)
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हिमाचल प्रदेश में युवाओं को नशे की गर्त से निकालने और उन्हें खेलों की ओर आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक एवं सामाजिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार सायं आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ‘खेलो हिमाचल – चिट्टा मुक्त अभियान’ को राज्यव्यापी स्तर पर शुरू करने की घोषणा की।
इस अभियान की रणनीति और कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक व स्वस्थ गतिविधियों की दिशा में मोड़ना और ‘चिट्टा’ जैसे घातक मादक पदार्थों के खिलाफ एक सशक्त जन-आंदोलन खड़ा करना है।

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235 सर्वाधिक प्रभावित पंचायतों पर रहेगा विशेष फोकस
राज्य में नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा न केवल युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहा है, बल्कि परिवारों और पूरे समाज को खोखला कर रहा है। सरकार इसके खिलाफ त्रिस्तरीय रणनीति—रोकथाम, जागरूकता और पुनर्वास—पर काम कर रही है।
अभियान की मुख्य रूपरेखा:
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व्यापक पहुंच: यह अभियान प्रदेश की सभी 3,758 ग्राम पंचायतों, 8 नगर निगमों, 29 नगर परिषदों और 39 नगर पंचायतों तक पहुंचेगा।
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विशेष केंद्रित क्षेत्र: चिट्टे से सर्वाधिक प्रभावित 235 ग्राम पंचायतों में गहन स्तर पर जागरूकता व खेल गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
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सामुदायिक जुड़ाव: युवाओं को जमीनी स्तर पर जोड़ने के लिए खेल प्रतियोगिताओं के साथ-साथ जागरूकता कार्यक्रम और सामुदायिक संपर्क अभियान चलाए जाएंगे।
₹11.56 करोड़ का बजट और खेल प्रतियोगिताओं का ढांचा
अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने वित्तीय और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर पुख्ता व्यवस्था की है:
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तीन स्तरीय प्रतियोगिताएं: खेल प्रतियोगिताएं उप-मंडल (Sub-Division), जिला और राज्य स्तर पर आयोजित की जाएंगी।
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पुरस्कार व बजट: प्रतियोगिताओं के आयोजन तथा विजेता और उप-विजेता टीमों को आकर्षक पुरस्कार राशि देने के लिए ₹11.56 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।
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तकनीकी समिति: प्रतियोगिताओं के पारदर्शी और सुचारू संचालन के लिए युवा सेवाएं एवं खेल विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग और खेल संघों के अधिकारियों व रेफरियों की एक विशेष तकनीकी समिति गठित की जाएगी।
“सामूहिक प्रयास से ही संभव होगा नशा-मुक्त हिमाचल”
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा:-
“खेल सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम हैं। यह युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास का संचार करते हैं। नशा-मुक्त हिमाचल का सपना केवल सरकारी प्रयासों से पूरा नहीं हो सकता; इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों, खेल संगठनों, पंचायत प्रतिनिधियों और पूरे समाज को मिलकर सामूहिक प्रयास करना होगा।”
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इस बैठक में सचिव युवा सेवाएं एवं खेल प्रियंका बसु इंग्टी, निदेशक शिवम प्रताप सिंह, विशेष सचिव नवीन तन्वर सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।



