जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान: प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने की ‘कैच द रेन-2026’ अभियान की समीक्षा
पारंपरिक बावड़ियों, खात्रियों और पोखरों के पुनर्जीवन पर विशेष जोर; विकास कार्यों की जियो-टैगिंग और पोर्टल पर अपलोडिंग अनिवार्य।

VIDYA SAGAR
शिमला, 21 जुलाई2026:
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हिमाचल प्रदेश में वर्षा जल संग्रहण और जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर प्रशासनिक प्रयास तेज कर दिए हैं। ‘जल संचय जन भागीदारीः कैच द रेन-2026’ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए आज शिमला में एक उच्चस्तरीय राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में राज्य के समस्त उपायुक्त, सह-जिला नोडल अधिकारी, जल शक्ति विभाग के प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल (ऑनलाइन) माध्यम से शामिल हुए।
सामुदायिक भागीदारी और पारंपरिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन
बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधान सचिव (जल शक्ति) एवं अभियान के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. अभिषेक जैन ने कहा कि जल संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम न बनाकर जन-आंदोलन का रूप देना समय की मुख्य आवश्यकता है।
“पंचायती राज संस्थाओं, शहरी निकायों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों, महिला मंडलों और एनजीओ (NGOs) को साथ लेकर ही जल संरक्षण को वास्तविक अर्थों में जन-भागीदारी का अभियान बनाया जा सकता है। हमारी प्राथमिकता राज्य के पारंपरिक जल स्रोतों जैसे बावड़ियों, खात्रियों, कुहलों और पोखरों के संरक्षण व पुनर्जीवन पर होनी चाहिए।”
— डॉ. अभिषेक जैन, प्रधान सचिव
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समीक्षा बैठक के मुख्य निर्देश और फैसले:
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विभिन्न योजनाओं का अभिसरण (Convergence): अभियान को जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, अमृत, कैम्पा, स्वच्छ भारत मिशन तथा वीबी-जी राम जी जैसी योजनाओं के साथ जोड़कर लागू करने के निर्देश दिए गए।
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पारदर्शिता और जियो-टैगिंग: सभी जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण और जीर्णोद्धार का समुचित दस्तावेजीकरण, जियो-टैगिंग (Geo-tagging) और ‘जल संचयः जन भागीदारी’ पोर्टल पर समयबद्ध अपलोडिंग अनिवार्य की गई है।
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तकनीकी सहयोग: जल शक्ति विभाग अन्य सभी विभागों को वैज्ञानिक आधार पर भूजल पुनर्भरण और जल संग्रहण संरचनाओं के निर्माण के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन (Technical Guidance) उपलब्ध कराएगा।
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दीर्घकालिक योजना: प्रत्येक जिले में वीबी-जी राम जी के तहत जल संरक्षण कार्यों की एक समर्पित ‘शेल्फ’ तैयार की जाएगी, जिससे यह वार्षिक विकास योजनाओं का स्थायी हिस्सा बन सके।
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राष्ट्रव्यापी अभियान की प्रगति की समीक्षा
बैठक के दौरान देश भर में 4 जुलाई से 4 अगस्त, 2026 तक चलाए जा रहे विशेष राष्ट्रव्यापी अभियान की प्रगति पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा निर्धारित जिला-वार लक्ष्यों और प्रदेश में अब तक हासिल की गई उपलब्धियों की बिंदुवार समीक्षा की गई।



