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आपदा न्यूनीकरण और सतत विकास में मील का पत्थर साबित होगी ‘रेडी-एचपी’ परियोजना: मुख्य सचिव के.के. पंत

विश्व बैंक के सहयोग से आयोजित 4 दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ; मुख्य सचिव बोले— आपदा प्रभावित क्षेत्रों में 'बिल्ड बैक बेटर' अवधारणा से बढ़ेगा लचीलापन।

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VIDYA SAGAR

विशेष संवाददाता | शिमला

28 जुलाई, 2026

हिमाचल प्रदेश में आपदा जोखिम को कम करने और सतत विकास को गति देने के उद्देश्य से आज शिमला में ‘रेजिलिएंट एक्शन फॉर डेवलपमेंट एंड डिजास्टर रिकवरी हिमाचल प्रदेश’ (READY-HP) परियोजना पर चार दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।

विश्व बैंक के सहयोग से 28 से 31 जुलाई, 2026 तक आयोजित इस कार्यशाला के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता राज्य के मुख्य सचिव के.के. पंत ने की। इस अवसर पर विभिन्न विभागों, कार्यान्वयन एजेंसियों और विश्व बैंक के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।


🏛️ ‘सुदृढ़ संस्थागत ढांचा और पारदर्शी क्रियान्वयन’

विभिन्न विभागों के अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव के.के. पंत ने कहा:-

“रेडी-एचपी परियोजना राज्य में आपदा न्यूनीकरण, बेहतर कार्ययोजना, सुदृढ़ आधारभूत ढाँचे और संस्थागत क्षमता निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इस बहु-क्षेत्रीय परियोजना का कुशल, पारदर्शी और परिणामोन्मुख क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने मजबूत संस्थागत व्यवस्था स्थापित की है।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि परियोजना की सफलता सभी हितधारकों और कार्यान्वयन एजेंसियों के बीच निर्माणात्मक समन्वय और समयबद्ध निर्णयों पर निर्भर करती है।



📌 कार्यशाला एवं परियोजना के मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • विश्व बैंक का सहयोग: यह परियोजना अंतरराष्ट्रीय बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट (IBRD) और आईडीए (IDA) द्वारा समर्थित है।

  • शामिल प्रमुख विभाग: राजस्व विभाग (PMU), लोक निर्माण विभाग (PWD), जल शक्ति विभाग, ऊर्जा विभाग तथा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM)।

  • तकनीकी व वित्तीय समीक्षा: 4 दिवसीय कार्यशाला के दौरान वित्तीय प्रबंधन, खरीद प्रक्रिया, अनुबंध प्रबंधन, गुणवत्ता आश्वासन, पर्यावरण व सामाजिक सुरक्षा उपायों तथा शिकायत निवारण तंत्र पर विस्तृत मंथन होगा।

  • बिल्ड बैक बेटर (Build Back Better): परियोजना का मूल उद्देश्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को अधिक टिकाऊ और लचीला बनाकर समावेशी विकास को बढ़ावा देना है।

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