बदले की राजनीति से न मुख्यमंत्री, न प्रदेश और न ही अधिकारियों का भला होगा: जयराम ठाकुर
विजिलेंस के दुरुपयोग और राजनीतिक द्वेष को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने सुक्खू सरकार पर साधा निशाना

VIDYA SAGAR -30/07/2026
शिमला — हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। शिमला में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रतिशोध और निजी शत्रुता की राजनीति पर चल रहे हैं, जिससे प्रदेश या अधिकारियों का कोई भला नहीं होने वाला।
जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए भाजपा नेताओं और विपक्ष की आवाज दबाने वाले जनप्रतिनिधियों के खिलाफ विजिलेंस के जरिए साजिश रच रही है।
⚠️ अधिकारियों को चेतावनी: “बेजान पंजे की उंगलियों पर नाचना बंद करें”
नेताओं और जन प्रतिनिधियों पर हो रही लगातार कार्रवाई पर चिंता जताते हुए नेता प्रतिपक्ष ने राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों को भी कड़ा संदेश दिया।
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अधिकारियों को नसीहत: जयराम ठाकुर ने कहा कि पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनावों में जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है। अधिकारियों को ऐसी सरकार के इशारे पर काम करने से बाज आना चाहिए, जिसका अपना कोई भविष्य नहीं है।
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विजिलेंस का दुरुपयोग: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले मार्च में विजिलेंस को RTI के दायरे से बाहर किया और अब विपक्षी नेताओं व अपने ही नाराज सहयोगियों को फंसाने के लिए झूठी शिकायतें दर्ज करा रही है।
📌 निशाना बने नेताओं की सूची की साझा
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और जनहित के मुद्दे उठाने वाले कई नेताओं को जानबूझकर प्रताड़ित किया जा रहा है:
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सुधीर शर्मा & होशियार सिंह: भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों को उठाने के कारण F.I.R. दर्ज की गईं।
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के.एल. ठाकुर, आशीष शर्मा, राजेंद्र राणा, चैतन्य शर्मा: इनके रिश्तेदारों और सहयोगियों को मामलों में उलझाकर परेशान किया जा रहा है।
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रवि ठाकुर, देवेंद्र भुट्टो एवं इंद्र दत्त लखनपाल: राजनीतिक द्वेष के चलते लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
⚖️ “अमीर सीएम के दावे गलत हैं तो ADR पर करें कार्रवाई”
उत्तर भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्री के हालिया दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री को लगता है कि Association for Democratic Reforms (ADR) के आंकड़े गलत हैं, तो उन्हें भाजपा को दोष देने के बजाय संबंधित संस्था के खिलाफ F.I.R. दर्ज करानी चाहिए।
“मुख्यमंत्री एक दिन में कई पत्रकारों पर मामला दर्ज करवा सकते हैं और सोशल मीडिया अकाउंट्स बंद करा सकते हैं, तो एक NGO के खिलाफ कार्रवाई करने में क्यों हिचकिचा रहे हैं? चुनावी हलफनामा तो उन्होंने खुद ही दाखिल किया था।”
🇮🇳 ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान में पारित कानून का किया स्वागत
वार्ता के अंत में जयराम ठाकुर ने लोकसभा और राज्यसभा में वंदे मातरम् के अपमान के विरुद्ध पारित नए कानून का स्वागत करते हुए देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत के दौरान सदन से उठकर जाना या अनादर करना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। राष्ट्रभक्ति के प्रतीकों का सम्मान करना हर नागरिक का नैतिक और राष्ट्रीय कर्तव्य है।




