हिमाचल प्रदेश के बुनियादी ढांचे को नई रफ्तार: विक्रमादित्य सिंह का केंद्र से बड़ा कदम
दिल्ली दौरे में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात, नई सड़कों, सुरंग और नए शहरों के निर्माण के लिए मांगी वित्तीय सहायता

VIDYA SAGAR
विशेष संवाददाता | शिमला
10 अगस्त, 2026
हिमाचल प्रदेश में बुनियादी ढांचे और शहरी विकास को पंख लगाने के लिए राज्य सरकार लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज शिमला में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि हाल ही में अपने नई दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने कई केंद्रीय मंत्रियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकें की हैं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य राज्य की निर्माणाधीन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करना और कई नई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए केंद्रीय मंजूरी प्राप्त करना है।
सड़कों और सुरंगों का विस्तार: 24 घंटे में मार्ग बहाली के निर्देश
लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल में सड़कों की देखरेख और कनेक्टिविटी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
“मानसूनी बारिश के दौरान सड़कों पर लगातार नज़र रखी जा रही है। इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में सड़कों को अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुँचा है। भू-स्खलन से प्रभावित मार्गों को 24 घंटे के भीतर बहाल करने के लिए विभाग द्वारा जेसीबी और पोकलेन जैसी मशीनरी तैनात की गई है, ताकि किसानों और बागवानों की उपज मंडियों तक बिना किसी बाधा के पहुँच सके।”
राजमार्गों के लिए स्वीकृतियाँ और मांगें:
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NH-305 (सैंज-लुहरी-बंजार-औट मार्ग): केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बंजार से औट तक के सुधार और टारिंग कार्य के लिए 25.11 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक मंजूरी दी है।
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जलोड़ी सुरंग परियोजना: 1,775 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस महत्वपूर्ण सुरंग परियोजना की प्रशासनिक स्वीकृति प्रक्रिया को तेज़ करने का आग्रह किया गया है।
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NH-303 (नगरोटा बगवां से रानीताल): कांगड़ा ज़िले में इस मार्ग के निर्माण/उन्नयन हेतु 395 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्री ने सैद्धांतिक सहमति जताई है।
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CRIF एवं सेतु बंधन योजनाएं: सेतु बंधन परियोजना के तहत पुलों के निर्माण के लिए 3.46 करोड़ रुपये की मांग की गई है। साथ ही, CRIF (सेंट्रल रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड) का वार्षिक कोटा बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये करने की मांग रखी गई है।
चंडीगढ़ की तर्ज पर बसेगा नया शहर: शहरी विकास को नई दिशा
हिमाचल के मौजूदा प्रमुख शहरों पर लगातार बढ़ रहे आबादी और ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए राज्य सरकार नए शहरों के निर्माण की रूपरेखा तैयार कर रही है।
विक्रमादित्य सिंह ने केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भेंट कर निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर सहयोग मांगा:
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सीमावर्ती नए शहर का विकास: चंडीगढ़ और पंचकूला की सीमा से सटे हिमाचल के क्षेत्र में चंडीगढ़ की तर्ज पर एक आधुनिक नियोजित शहर विकसित करने के लिए साझा इंफ्रास्ट्रक्चर support और वित्तीय मदद की मांग की गई।
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अर्बन चैलेंज फंड (Urban Challenge Fund): 1,200 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स की त्वरित स्वीकृति देने का अनुरोध।
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अमृत (AMRUT) योजना: राज्य में जारी विकास कार्यों को निर्बाध रखने के लिए शेष 64.45 करोड़ रुपये जल्द जारी करने का आग्रह।
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स्वच्छ भारत मिशन 2.0 (Used Water Management): वर्तमान में राज्य के 76 में से केवल 31 शहरी निकायों को इस घटक में शामिल किया गया है। मंत्री ने शेष 45 निकायों को भी इसमें शामिल कर वित्तीय अनुदान देने की मांग रखी।
मुख्य बिंदु (At a Glance)
| परियोजना / योजना | मांग / स्वीकृति राशि | मुख्य उद्देश्य |
| NH-305 बंजार-औट मार्ग | ₹25.11 करोड़ | सुधार व टारिंग (सैद्धांतिक मंजूरी) |
| जलोड़ी सुरंग (Jalori Tunnel) | ₹1,775 करोड़ | स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह |
| NH-303 नगरोटा बगवां-रानीताल | ₹395 करोड़ | मार्ग सुधार व विस्तार |
| CRIF वार्षिक आवंटन | ₹200 करोड़ | हिमाचल के वार्षिक कोटे को बढ़ाना |
| अर्बन चैलेंज फंड | ₹1,200 करोड़ | शहरों के नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स |
| अमृत योजना (AMRUT) | ₹64.45 करोड़ |




