नशा विरोधी यात्रा में शामिल होने पंजाब पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर नक्सल मुक्त के बाद नशा मुक्त भारत मोदी की गारंटी, नशे का नाश करने के लिए सब बनें सहभागी : जय राम ठाकुर
नंगल, श्री आनंदपुर साहिब और गढ़शंकर में नशा विरोधी यात्राओं में शामिल होकर जनसभाओं को किया संबोधित, बोले- जैसे 2026 तक भारत नक्सल मुक्त हुआ, वैसे ही 2026 तक भारत नशा मुक्त होगा

24 सितंबर 2026
(Viren Thakur)
नंगल/श्री आनंदपुर साहिब/गढ़शंकर : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर आज पंजाब के दौरे पर रहे। इस दौरान वह नंगल, श्री आनंदपुर साहिब और गढ़शंकर में आयोजित नशा विरोधी यात्राओं में शामिल हुए। श्री आनंदपुर साहिब पहुंचकर जय राम ठाकुर ने दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के तप, त्याग और शौर्य की साक्षी रही धरती श्री आनंदपुर साहिब के पवित्र गुरुद्वारे में शीश नवाकर अरदास की, गुरु का आशीर्वाद लिया एवं सभी देशवासियों के मंगल की कामना की। नशा विरोधी यात्रा के दौरान जनसभाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अब निर्णायक लड़ाई की तैयारी है और इस लड़ाई को जनआंदोलन का रूप देकर ही नशे के खिलाफ प्रभावी सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने सभी लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशा मुक्त भारत के संकल्प से जुड़कर नशे के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करने का आह्वान किया।

जय राम ठाकुर ने कहा कि नशा मुक्त भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है। जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश ने नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता हासिल की है, उसी तरह नशे के खिलाफ भी प्रभावी लड़ाई लड़ी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2029 तक नशा मुक्त भारत का संकल्प लिया है और इस संकल्प को पूरा करने में प्रत्येक देशवासी को अपनी भूमिका निभानी होगी। नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आज श्री आनंदपुर साहिब समेत अन्य स्थानों पर आयोजित नशा विरोधी यात्रा में लोगों का उत्साह देखकर स्पष्ट है कि पंजाब की जनता नशे के खिलाफ मजबूती से खड़ी है। नशा हारेगा और देश जीतेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में नशामुक्त भारत और नशामुक्त पंजाब का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या से निपटने के लिए प्रदेश सरकार को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। पंजाब में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तो युवाओं को नशे से दूर रखने में भी मदद मिलेगी। लेकिन वर्तमान की पंजाब सरकार युवाओं को रोजगार देने में नाकाम रही है। यह तभी संभव होगा जब पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन वाली सरकार होगी। पंजाब में रोजगार और विकास को गति देने के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है, जिसमें भगवंत मान की सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
जय राम ठाकुर ने कहा कि जब वह हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो गृह विभाग की बैठक में यह तथ्य सामने आया कि हिमाचल प्रदेश की जेलों में नशे की तस्करी के मामलों में बंद आरोपियों में बड़ी संख्या अन्य राज्यों के लोगों की भी थी। यह स्पष्ट था कि नशे की समस्या किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है और इसके लिए अंतरराज्यीय स्तर पर समन्वित कार्रवाई आवश्यक है। इसी को देखते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार ने पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली की सरकारों के साथ मिलकर संयुक्त टीमें गठित कीं। इन संयुक्त प्रयासों का व्यापक प्रभाव देखने को मिला और नशे के नेटवर्क पर कार्रवाई को मजबूती मिली। सीमावर्ती राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, नशे के तस्करों पर कठोर कार्रवाई, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और समाज की सक्रिय भागीदारी से ही नशे के खिलाफ इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है।
प्रेस रिलीज़ 02 24 सितंबर 2026 : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर
16वें वित्त आयोग में हिमाचल की पंचायतों के लिए 3744 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार : जय राम ठाकुर
शिमला : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने 16वें वित्त आयोग के तहत हिमाचल प्रदेश की पंचायती राज संस्थाओं के लिए 3744 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्र सरकार एवं पंचायती राज मंत्रालय का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पंचायतों को सशक्त बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहयोग प्रदान किया है। प्रदेश में 3650 से अधिक ग्राम पंचायतें हैं, ऐसे में इस धनराशि से औसतन प्रत्येक पंचायत के हिस्से में एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि आती है, जिससे गांवों में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होंगे और पंचायतों के सर्वांगीण विकास को गति मिलेगी।
जय राम ठाकुर ने कहा कि 15वें वित्त आयोग के तहत हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 2102 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था, जबकि 16वें वित्त आयोग के तहत यह राशि बढ़कर 3744 करोड़ रुपये हो गई है, जो पिछली राशि की तुलना में लगभग 78.1 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की ग्रामीण विकास और पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि केंद्र से प्राप्त इस धनराशि का पारदर्शी और प्रभावी ढंग से सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि इसका अधिकतम लाभ प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों और आम जनताको मिल सके।


