हिमाचल में कुदरत के दो रंग
कहीं पड़ रही भीषण लू, तो कहीं बिछी बर्फ की सफेद चादर

27/04/2026-VIDYA SAGAR
ऊना में 15 साल का रिकॉर्ड टूटा, पांच जिलों में हीट वेव का ‘येलो अलर्ट’; स्कूलों का समय बदलने की मांग
शिमला/ऊना | हिमाचल प्रदेश इस समय मौसम के दो चरम छोरों का सामना कर रहा है। एक तरफ जहां मैदानी और कम ऊंचाई वाले जिले भीषण गर्मी और लू (Heat Wave) की चपेट में हैं, वहीं जनजातीय और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बेमौसम बर्फबारी ने लोगों को हैरान कर दिया है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के पांच जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
[Image: Split screen showing a sun-scorched cracked earth on one side and snow-capped Himalayan peaks on the other]
मैदानी इलाकों में ‘आसमान से बरस रही आग’
हिमाचल का प्रवेश द्वार कहे जाने वाला ऊना जिला इस समय प्रदेश का सबसे गर्म क्षेत्र बना हुआ है। यहाँ पारा 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिसने पिछले 15 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
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येलो अलर्ट: मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और सोलन के कुछ हिस्सों के लिए लू का अलर्ट जारी किया है।
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जनजीवन प्रभावित: बढ़ती गर्मी के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है।
शिक्षक संघ की मांग: बदलें स्कूलों का समय
भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए हिमाचल प्रदेश शिक्षक संघ ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से गुहार लगाई है। संघ का कहना है कि दोपहर की चिलचिलाती धूप में बच्चों का स्कूल से घर लौटना उनकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। मांग की गई है कि स्कूलों का समय सुबह जल्दी किया जाए ताकि बच्चे लू की चपेट में आने से बच सकें।
अजीबोगरीब मौसम: अप्रैल में बर्फबारी!
एक ओर जहां लोग गर्मी से त्रस्त हैं, वहीं कुल्लू और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले इलाकों से चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। अप्रैल के अंत में यहाँ दुर्लभ बर्फबारी दर्ज की गई है।
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रोहतांग दर्रा और अटल टनल के आसपास के क्षेत्रों में ताजा हिमपात हुआ है।
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इस बेमौसम बर्फबारी ने जहां पर्यटकों के चेहरे खिला दिए हैं, वहीं बागवानों के लिए चिंता बढ़ा दी है क्योंकि यह समय सेब की फ्लावरिंग का होता है।
अगले 48 घंटे महत्वपूर्ण
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक मैदानी इलाकों में गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है, जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है।
एडवाइजरी: स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें और हाइड्रेटेड रहने के लिए पर्याप्त पानी का सेवन करें।



