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अयोध्या चढ़ावा चोरी मामला: “राम नाम की आड़ में राजनीति करने वाली BJP की जवाबदेही तय हो”, शिमला में गरजे नरेश चौहान

नरेश चौहान का नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर बड़ा हमला, पूछा— 'चढ़ावा चोरी' पर अब तक चुप क्यों हैं? मामले की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग।

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VIDYA SAGAR

शिमला, 08 जुलाई 2026:

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को लेकर देश में मचे सियासी घमासान की गूंज अब हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने आज यहाँ पत्रकारों से बात करते हुए इस पूरे मामले पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उससे जुड़े संगठनों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि “जय श्री राम” के उद्घोष के पीछे छिपकर राजनीति चमकाने वाली भाजपा के राज में आस्था के साथ जो खिलवाड़ हुआ है, उसने मानवता को शर्मसार कर दिया है।

“40 दिनों में 70 बार चोरी; बिना राजनीतिक संरक्षण के यह संभव नहीं”

नरेश चौहान ने जांच में सामने आए तथ्यों का हवाला देते हुए कहा कि यह मामला देश के 150 करोड़ सनातनियों की अटूट श्रद्धा से जुड़ा है। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल का जिक्र करते हुए कहा:-

“सिर्फ 40 दिनों के भीतर मंदिर के भीतर 70 बार चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। यह साफ दिखाता है कि चोरी करने वाला गिरोह कितना बेखौफ था। बिना सत्ताधारी दल के राजनीतिक संरक्षण और शह के ऐसा दुस्साहस करना नामुमकिन है।”

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उन्होंने इस महा-घोटाले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) या उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की प्रत्यक्ष निगरानी में जांच करवाने की पुरजोर मांग की है।



चोर गिरोह के ‘मुखिया’ का चेहरा सामने लाए एजेंसियां

मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार ने ट्रस्ट के गठन पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंदिर ट्रस्ट के सभी लोग भाजपा द्वारा चयनित और उनके बेहद विश्वासपात्र थे। ऐसे में इस गड़बड़ी की पूरी नैतिक और राजनीतिक जवाबदेही भाजपा की ही बनती है। उन्होंने कहा:

  • दिखावे के इस्तीफे: आरोपियों के इस्तीफे स्वीकार कर उनकी छवि को बेदाग दिखाने का हास्यास्पद प्रयास किया जा रहा है, जबकि उन्हें कड़ी जांच के बाद बर्खास्त किया जाना चाहिए था।

  • संपत्ति जब्त करने की मांग: चौहान ने केंद्रीय जांच एजेंसियों से अपील की है कि इस चोरी के जरिए जुटाई गई सभी अवैध संपत्तियों को तुरंत जब्त किया जाए और इस गिरोह के असली ‘मुखिया’ का चेहरा देश के सामने लाया जाए।

उन्होंने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की खामोशी पर तंज कसते हुए पूछा कि वह इस कृत्य को सही मानते हैं या गलत? यदि गलत मानते हैं, तो उन्होंने अभी तक इसकी खुलकर निंदा क्यों नहीं की?


हिमाचल के विकास पर भाजपा का ‘तथ्यहीन दुष्प्रचार’

राज्य की राजनीति पर बात करते हुए नरेश चौहान ने प्रदेश भाजपा नेतृत्व को एक नकारात्मक विपक्ष करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा पिछले तीन सालों से हिमाचल के विकास कार्यों की गति को रोकने के अलावा कुछ नहीं कर पाई है।

  • निडर मुख्यमंत्री: सीएम ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सत्ता संभालते ही हमेशा राजनीति से ऊपर उठकर अदालतों और केंद्र के मंच पर हिमाचल के हकों की पैरवी की है। उन्हें राज्य में वित्तीय संसाधन जुटाने वाले एक निर्भीक ‘ध्वजवाहक’ नेता के रूप में याद किया जाएगा।

  • मदद रोकने की साजिश: जहाँ एक ओर मुख्यमंत्री हिमाचल को आत्मनिर्भर और हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लिए कड़े और ऐतिहासिक फैसले ले रहे हैं, वहीं भाजपा नेता राज्य के लिए आने वाली केंद्रीय वित्तीय सहायता को भी रुकवाने के प्रयासों में लगे हैं।


उन्होंने दावा किया कि भाजपा का यह रवैया संवैधानिक जिम्मेदारियों के पूरी तरह खिलाफ है और जनता इस नकारात्मक राजनीति को बखूबी समझ रही है।

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