एचसीएम ने उद्योग विभाग की उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की: औद्योगिक विकास को गति देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के निर्देश दिए

VIDYA SAGAR -09\07\2026
एमएसएमई (MSME)
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राज्य में औद्योगिक विकास को एक नई दिशा देने और आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करने के उद्देश्य से, माननीय मुख्यमंत्री (HCM) ने आज ‘उद्योग विभाग’ की एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित की गई, जिसमें विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और प्रमुख हितधारक शामिल हुए।
प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रही प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं और नीतियों की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे (infrastructure), लॉजिस्टिक्स (logistics), और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) को बेहतर बनाने के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा की। अधिकारियों ने ‘लैंड बैंक’ (land bank) की उपलब्धता, निवेश प्रस्तावों की स्थिति, और स्वीकृत परियोजनाओं के कार्यान्वयन की विस्तृत जानकारी दी।
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निवेश और रोजगार सृजन पर ध्यान
मुख्यमंत्री ने राज्य में घरेलू और विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करने के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “औद्योगिक विकास न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा करता है।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे औद्योगिक नीतियों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करें और संभावित निवेशकों को आवश्यक सहायता प्रदान करें।
बुनियादी ढांचे में सुधार
बैठक में औद्योगिक पार्कों और क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढांचे के विकास पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने समयबद्ध तरीके से मौजूदा बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने और नए औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि “एक मजबूत बुनियादी ढांचा ही उद्योगों के विकास की आधारशिला है।”
एमएसएमई (MSME) सेक्टर को समर्थन
मुख्यमंत्री ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) सेक्टर के महत्व पर प्रकाश डाला और उन्हें बढ़ावा देने के लिए योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि “एमएसएमई राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें तकनीकी सहायता, ऋण उपलब्धता, और बाजार पहुंच प्रदान करना आवश्यक है।”
महत्वपूर्ण निर्णय और भविष्य की योजना
समीक्षा बैठक के अंत में, मुख्यमंत्री ने कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए और भविष्य की योजनाएं निर्धारित कीं:
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सिंगल-विंडो सिस्टम: औद्योगिक स्वीकृतियों के लिए ‘सिंगल-विंडो क्लियरेंस सिस्टम’ को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया।
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कौशल विकास: औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप युवाओं को कौशल प्रदान करने के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की।
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स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र: राज्य में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए एक अनुकूल वातावरण और वित्तीय सहायता प्रदान करने पर जोर दिया।
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निवेश शिखर सम्मेलन: आगामी निवेश शिखर सम्मेलन के लिए तैयारी की समीक्षा की और एक रोडमैप तैयार किया।
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मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग के अधिकारियों को इन निर्णयों पर त्वरित कार्रवाई करने और राज्य के औद्योगिक विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रेरित किया।



