केलांग में रैम्प परियोजना के तहत स्टेकहोल्डर कॉन्क्लेव आयोजित
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना एवं वित्तीय सहायता के प्रति उद्यमियों को किया जागरूक

28 अक्तूबर, 2026
(Viren Thakur)
केलांग, जिला लाहौल एवं स्पीति, 28 अक्टूबर 2026। रैम्प (RAMP) परियोजना के अंतर्गत उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा केलांग, जिला लाहौल एवं स्पीति में एक दिवसीय स्टेकहोल्डर कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुल 40 उद्यमियों एवं हितधारकों ने भाग लिया। कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को रैम्प परियोजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना तथा वित्तीय सहायता से संबंधित विभिन्न अवसरों के प्रति जागरूक करना और उनके व्यवसाय विकास को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र, लाहौल स्पीति के प्रबंधक श्री सोमेश शर्मा तथा भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (LDM) श्री सुनील मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने, बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी प्राप्त करने तथा अपने व्यवसायों को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान रैम्प (RAMP) परियोजना के उद्देश्यों, MSMEs के विकास में इसकी भूमिका तथा उद्यमियों के लिए उपलब्ध अवसरों पर जानकारी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसका संचालन सुश्री नताशा कटोच ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को योजना के उद्देश्यों, पात्रता एवं प्रमुख लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सत्र के दौरान बताया गया कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को सहायता प्रदान कर उनके कौशल, उत्पादों एवं आजीविका को सशक्त बनाना है। योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को कौशल प्रशिक्षण, प्रशिक्षण के दौरान निर्धारित वजीफा, आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए ₹15,000 तक का टूलकिट प्रोत्साहन, रियायती ब्याज दर पर संपार्श्विक-मुक्त ऋण तथा डिजिटल लेनदेन और विपणन के लिए सहायता जैसे लाभ उपलब्ध हैं। साथ ही, योजना के माध्यम से कारीगरों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने, बाजार तक पहुंच बढ़ाने तथा स्वरोजगार के अवसरों को मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
उद्यमियों को वित्तीय सहायता एवं फंडिंग से संबंधित जानकारी देने के लिए एक संक्षिप्त सत्र भी आयोजित किया गया। इस दौरान व्यवसायों की वित्तीय आवश्यकताओं, बैंकिंग सुविधाओं तथा उद्यमों की स्थापना एवं विस्तार के लिए उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
कॉन्क्लेव के दौरान सतर्कता (Vigilance) एवं साइबर सुरक्षा (Cyber Security) के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रतिभागियों को शपथ भी दिलाई गई। इस पहल के माध्यम से ईमानदारी, पारदर्शिता एवं जिम्मेदारी के मूल्यों को बढ़ावा देने के साथ-साथ डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान साइबर सुरक्षा संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर सक्रिय रूप से भाग लिया तथा सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता एवं व्यवसाय विकास से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
इस स्टेकहोल्डर कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य जिला लाहौल एवं स्पीति के उद्यमियों, पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता के अवसरों तथा व्यवसाय विकास से संबंधित पहलों से जोड़ना और क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के सतत विकास एवं आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देना रहा।



