जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर तीखा हमला: ‘पेपर लीक के दोषियों को बचा रहे हैं मुख्यमंत्री, बोलने से पहले अपनी कारगुजारियों पर ध्यान दें’
प्रधानमंत्री मोदी का स्पष्ट संदेश—युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं; हिमाचल में सबूतों के बावजूद रिपोर्ट दबाने का आरोप

VIDYA SAGAR
शिमला-23/07/2026
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पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की सुक्खू सरकार और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक जैसे संवेदनशील विषय पर स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। केंद्र सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार का रवैया इसके बिल्कुल विपरीत और निराशाजनक है।
“सबूत होने के बावजूद दबाई गई जांच रिपोर्ट”
नेता प्रतिपक्ष ने सुक्खू सरकार पर पेपर लीक मामलों में लीपापोती करने का आरोप लगाते हुए कहा:
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पुलिस भर्ती मामला: पुलिस भर्ती में पेपर लीक के स्पष्ट साक्ष्य, पैसे के लेन-देन के प्रमाण और भारी मात्रा में नकदी बरामद होने के बावजूद सरकार ने इसे पेपर लीक मानने से इनकार कर दिया।
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सीसीटीवी और जांच पर रोक: अभ्यर्थियों द्वारा सामूहिक नकल के आरोप लगाने और सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग करने के बाद भी सरकार ने जांच आगे नहीं बढ़ने दी।
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दोषी अधिकारियों को संरक्षण: सीबीआई (CBI) द्वारा कार्रवाई की सिफारिश किए जाने के बावजूद जांच रिपोर्ट को दबा दिया गया। जिन अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी, उन्हें सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंप दी गईं। “पेपर लीक के स्पष्ट साक्ष्यों के बावजूद रिपोर्ट दबाने और दोषी अधिकारियों को बचाने वाले मुख्यमंत्री को विपक्ष पर टिप्पणी करने से पहले अपनी कारगुजारियों को देखना चाहिए।”— जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष
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भर्तियों में चहेतों को प्राथमिकता देने का आरोप
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार के मंत्री मंचों से खुलेआम सिफारिश के आधार पर नौकरियां देने के ऐलान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में शिक्षा बोर्ड में हुई भर्ती में एक ही नेता के विधानसभा क्षेत्र से लोगों को भर्ती किए जाने का मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
“संसद में चर्चा से भाग रही कांग्रेस, अराजकता का कर रही समर्थन”
कांग्रेस की नीति और नीयत पर सवाल उठाते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि कांग्रेस सचमुच युवाओं के हितों के प्रति गंभीर होती, तो वह संसद में इस मुद्दे पर सार्थक चर्चा करती।
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उन्होंने कहा कि संसद की कार्यवाही में शर्तें लगाकर व्यवधान डालना और युवाओं से जुड़े गंभीर मुद्दे पर बहस से भागना दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा का मानना है कि ऐसे विषयों पर राजनीति करने के बजाय सदन के भीतर ठोस समाधान निकाला जाना चाहिए, लेकिन कांग्रेस चर्चा करने के बजाय देशभर में अराजकता का समर्थन कर रही है।



