तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने शैक्षणिक भ्रमण पर गए विद्यार्थियों से ऑनलाइन किया संवाद; नवाचार, अनुसंधान और स्वरोजगार के लिए किया प्रेरित
तकनीकी शिक्षा में नया अध्याय: सेमीकंडक्टर और VLSI चिप डिजाइन सीखने IIT दिल्ली पहुंचे हिमाचल के छात्र

VIDYA SAGAR
शिमला | 7 अगस्त, 2026
हिमाचल प्रदेश के युवाओं को आधुनिक और भविष्य-उन्मुख तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने आईआईटी दिल्ली के शैक्षणिक भ्रमण पर गए विद्यार्थियों से वर्चुअल माध्यम से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों के अनुभवों को जाना और उनका उत्साहवर्धन किया।
इस शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के विद्यार्थियों को सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी, वीएलएसआई (VLSI – Very Large-Scale Integration) चिप डिजाइन, निर्माण प्रक्रिया तथा उभरती प्रौद्योगिकियों का व्यावहारिक एवं प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना है।
💡 संवाद के प्रमुख अंश: मंत्री राजेश धर्माणी के विचार
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अत्याधुनिक तकनीकों की समझ: मंत्री राजेश धर्माणी ने छात्रों से विशेषज्ञों के साथ हुई बातचीत और प्रयोगात्मक सत्रों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा:- “तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को देश के शीर्ष संस्थानों और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों से परिचित करवाना आज समय की सबसे बड़ी मांग है, ताकि वे बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुसार खुद को ढाल सकें।”
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नवाचार और अनुसंधान पर जोर: उन्होंने छात्रों से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने, जिज्ञासु दृष्टिकोण अपनाने और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही रोजगार संभावनाओं को भुनाने का आह्वान किया।
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टीम का आभार: मंत्री ने इस सफल आयोजन के लिए आईआईटी दिल्ली की टीम, विशेष रूप से डॉ. राजेंद्र सिंह एवं उनकी टीम के सहयोग की सराहना की।

🤝 प्रशासन और छात्रों की प्रतिक्रिया
| हितधारक | मुख्य बिंदु / प्रतिक्रिया |
| रोहित राठौर (तकनीकी शिक्षा निदेशक) | छात्रों को आईआईटी दिल्ली की उन्नत प्रयोगशालाओं, संसाधनों और विशेषज्ञता का पूर्ण लाभ उठाने तथा तकनीकी सत्रों में सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया। |
| विद्यार्थी (प्रतिभागी) | भ्रमण को अत्यंत प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर और वीएलएसआई तकनीक के प्रत्यक्ष अनुभव से उनकी तकनीकी समझ व्यापक हुई है। |
🚀 भविष्य की योजनाएं
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार भविष्य में भी विद्यार्थियों के लिए:
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उद्योगोन्मुख शिक्षा (Industry-Oriented Education)
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उभरती प्रौद्योगिकियों का व्यावहारिक अनुभव
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देश के शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों के साथ संवाद
जैसे अवसर निरंतर उपलब्ध करवाती रहेगी, जिससे प्रदेश के युवाओं की रोजगार क्षमता सुदृढ़ होगी।




