हिमाचल में चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं, सुक्खू सरकार के बड़े-बड़े दावों की हर दिन खुल रही पोल: जयराम ठाकुर
कुल्लू प्रसूता मौत मामला: सरकार की अनदेखी और स्थानीय विधायक की टिप्पणी ने पीड़ित परिवार की जनभावना का किया अपमान, व्यवस्था सुधारने के लिए नहीं उठाये जा रहे ठोस कदम

VIDYA SAGAR-07/08/2026
शिमला: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर करारा हमला बोला है। शिमला से जारी एक प्रेस बयान में ठाकुर ने आरोप लगाया कि एक तरफ मुख्यमंत्री राज्य में बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं देने के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत इन दावों के बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने कहा कि सरकार के दावों की पोल हर दिन खुल रही है, जनता सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रही है, लेकिन सरकार व्यवस्था सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में अव्यवस्था और अनदेखी
जयराम ठाकुर ने प्रदेश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों की दयनीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उनके बयान के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
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शिमला (IGMC व चमियाना): शिमला के इन बड़े अस्पतालों की खराब हालत लगातार सुर्खियों में बनी हुई है, और प्रदेश भर से फीडबैक मिल रहा है कि स्थितियां बहुत बिगड़ चुकी हैं।
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मंडी (नेरचौक मेडिकल कॉलेज): इस कॉलेज की निरंतर अनदेखी की जा रही है, जिससे इसका स्तर गिर गया है। चार साल में स्वास्थ्य मंत्री ने एक बार भी यहां का निरीक्षण नहीं किया। मुख्यमंत्री पिछले चार साल से एमआरआई मशीन लगाने के दावे कर रहे हैं, लेकिन वह आज तक स्थापित नहीं हो पाई है। इसके अलावा, रोगी कल्याण समिति की भी इन वर्षों में एक भी बैठक नहीं हुई।
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कांगड़ा (टांडा मेडिकल कॉलेज): यहां अव्यवस्था का यह आलम है कि चंबा के दो गंभीर रूप से बीमार बच्चों को ऑपरेशन के लिए एक साल बाद की तारीख दी जा रही है।

‘हिमकेयर’ बंद करने और जांच शुल्क बढ़ाने का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर राजनीतिक विद्वेष के कारण जनहितकारी योजनाओं को बंद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा:
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भाजपा सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई ‘हिमकेयर’ योजना को केवल राजनीतिक कारणों से लगभग बंद कर दिया गया है। इसे बदनाम करके गरीब जनता को मुफ्त चिकित्सा सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है।
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सरकारी अस्पतालों में सभी प्रकार की लैब जांचों के दाम बढ़ा दिए गए हैं, जिससे मजबूर होकर जनता को महंगे दामों पर प्राइवेट लैब में टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। प्रदेश भर में लोग इन बदहाल सेवाओं से बेहद परेशान और त्रस्त हैं।
कुल्लू प्रसूता मौत और आमरण अनशन
जयराम ठाकुर ने कुल्लू अस्पताल में बालीचौकी निवासी रजनी शर्मा (उर्फ मंजू) की प्रसव के दौरान हुई दर्दनाक मृत्यु के मामले में न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों और पीड़ित परिवार के प्रति सरकार के रवैये की कड़ी निंदा की।
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विधायक की टिप्पणी पर दुर्भाग्यपूर्ण: ठाकुर ने आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रति स्थानीय विधायक सुंदर ठाकुर की टिप्पणी को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” बताया, जिसमें उन्होंने इस जन-आंदोलन को भाजपा का एजेंडा करार दिया था। ठाकुर ने स्पष्ट किया कि इलाज में लापरवाही के आरोपों के बाद स्थानीय स्तर पर आक्रोश व्याप्त हुआ और उन्होंने भी अस्पताल पहुंचकर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक मामले को राजनीतिक तूल देकर जनता की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं और निष्पक्ष जांच के बजाय मामले की लीपापोती करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
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सरकार की संवेदनहीनता: नेता प्रतिपक्ष ने हैरानी जताई कि न्याय की गुहार लगा रहे युवाओं के अनशन को छह दिन बीत जाने के बावजूद राज्य सरकार और प्रशासन ने कोई संज्ञान नहीं लिया और न ही अनशन समाप्त कराने का कोई संवेदनशील प्रयास किया।
अनशनकारियों से अपील और सरकार से मांग
जयराम ठाकुर ने आंदोलनरत युवाओं को गैर-राजनीतिक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि बताया और कहा कि उनकी न्यायोचित मांगों को सरकार को तत्काल सुनना चाहिए। विधायक सुंदर ठाकुर से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग करते हुए उन्होंने अनशन पर बैठे युवाओं से स्वास्थ्य के हित में अपना अनशन समाप्त कर कानूनी मार्ग से लड़ाई लड़ने की विनम्र अपील की है। साथ ही, राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वह तुरंत प्रभाव से व्यवस्था सुधारे ताकि भविष्य में किसी भी परिवार के साथ ऐसी दुखद और संवेदनशील घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।




