नौकरीबिजनेसलेटस्ट न्यूज

बड़ी खबर

'बिजनेस अधिकार 2026' के तहत भारतीय उद्यमियों के लिए 12 प्रमुख अधिकारों का ऐलान

06/05/2026-VIDYA SAGAR

सरकार ने MSMEs और स्टार्टअप्स को सशक्त बनाने के लिए घोषित किया ऐतिहासिक ‘व्यापारिक चार्टर’

नई दिल्ली – भारतीय व्यापार जगत के लिए आज एक ऐतिहासिक दिन है। जन विश्वास (संशोधन) विधेयक 2026 के पारित होने के बाद, सरकार ने “बिजनेस अधिकार” (Business Adhikar) दर्शन के तहत 12 प्रमुख अधिकारों के एक नए ‘व्यापारिक चार्टर’ का अनावरण किया है। यह कदम देश भर के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) और स्टार्टअप्स को सशक्त बनाने और लालफीताशाही को कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

“हमारा लक्ष्य भारतीय उद्यमियों को नियामक (Regulatory) बोझ से मुक्त करना और उन्हें विश्व स्तरीय नवाचार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए आवश्यक सम्मान और अधिकार प्रदान करना है। ये 12 अधिकार एक नए, आत्मनिर्भर भारत की नींव हैं।” — संसदीय समिति के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा जारी बयान।

उद्यमियों के लिए 12 मौलिक “बिजनेस अधिकार”:

अनुभाग 1: नियामक राहत और सरलीकरण

  • 1. सरलीकृत अनुपालन का अधिकार: अब छोटी कंपनियों को जटिल दस्तावेज़ों के बजाय स्व-प्रमाणीकरण (Self-Certification) के माध्यम से अनुपालन करने का अधिकार होगा।

  • 2. डिजिटल संचालन का अधिकार: अब सभी वार्षिक बैठकों (AGMs) और निदेशक मंडल की बैठकों को स्थायी रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित करने का अधिकार होगा, जिससे प्रशासनिक लागत में भारी कमी आएगी।

  • 3. दोषरहित शुरुआत का अधिकार (गलतियों की डिक्रिमिनलाइजेशन): 21 से अधिक छोटी तकनीकी गलतियों (जैसे clerical errors) को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है। उद्यमियों को अब जेल के डर के बजाय केवल आर्थिक दंड का सामना करना होगा।

अनुभाग 2: वित्तीय सशक्तिकरण

  • 4. सुलभ ऋण का अधिकार: आपातकालीन क्रेडिट गारंटी योजना (ECLGS 5.0) के तहत, MSMEs को वैश्विक उतार-चढ़ाव के समय में $1.9 बिलियन तक के सुरक्षा चक्र तक पहुंचने का अधिकार है।

  • 5. पारदर्शी कर प्रणाली का अधिकार: आयकर अधिनियम, 2025 के अनुसार, कर प्रणाली अब भरोसे पर आधारित होगी, जिसमें दंडात्मक कार्रवाई से पहले सुधार का अवसर दिया जाएगा।

  • 6. समय पर भुगतान का अधिकार: सरकारी और बड़े कॉर्पोरेट खरीदारों से माल या सेवाओं के लिए 45 दिनों के भीतर भुगतान प्राप्त करने का एक वैधानिक अधिकार, जिसमें देरी होने पर ब्याज का प्रावधान होगा।

अनुभाग 3: बाजार पहुंच और सुरक्षा

  • 7. निष्पक्ष बाजार पहुंच का अधिकार: सरकारी खरीद और निविदाओं (Tenders) में MSMEs को प्राथमिकता और निष्पक्ष अवसर प्राप्त करने का अधिकार।

  • 8. बौद्धिक संपदा सुरक्षा का अधिकार: पेटेंट, ट्रेडमार्क और कॉपीराइट के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने का अधिकार, ताकि स्टार्टअप्स अपने नवाचारों को सुरक्षित कर सकें।

  • 9. विवाद समाधान का अधिकार: व्यापारिक विवादों को अदालत के बजाय मध्यस्थता (Mediation) के माध्यम से तेजी से और कम लागत में हल करने का अधिकार।

अनुभाग 4: विकास और निकास

  • 10. “छोटी कंपनी” के रूप में मान्यता का अधिकार: पूंजी और टर्नओवर की बढ़ी हुई सीमाओं के तहत, अधिक कंपनियों को ‘छोटी कंपनी’ का दर्जा पाने और कम नियामक अनुपालन का लाभ उठाने का अधिकार होगा।

  • 11. स्किलिंग और प्रशिक्षण का अधिकार: सरकार द्वारा प्रायोजित कार्यक्रमों के माध्यम से नवीनतम डिजिटल और प्रबंधन कौशल प्राप्त करने का अधिकार।

  • 12. आसान निकास का अधिकार: यदि कोई व्यवसाय विफल हो जाता है, तो उसे एक सम्मानजनक और त्वरित “दिवाला और दिवालियापन” प्रक्रिया के माध्यम से बंद करने का अधिकार, ताकि उद्यमी फिर से शुरुआत कर सकें।


उद्योग जगत की प्रतिक्रिया

व्यापारिक संगठनों और स्टार्टअप समुदाय ने इस चार्टर का गर्मजोशी से स्वागत किया है। उद्योग जगत के नेताओं का मानना है कि यह भारत को एक ‘व्यवसाय-अनुकूल’ गंतव्य के रूप में मजबूती से स्थापित करेगा।

क्या आपका व्यवसाय इन 12 अधिकारों से लाभ उठाने के लिए तैयार है? अधिक जानकारी के लिए, अपने स्थानीय व्यापार संघ या सरकार के नवीनतम ई-पोर्टल पर जाएँ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button