बिलासपुर में ‘स्मार्ट मीटर’ पर संग्राम
स्थानीय निवासियों का भारी हंगामा, मामला पुलिस थाने पहुँचा

25/04/2026-VIDYA SAGAR
बिलासपुर | हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर शहर में बिजली बोर्ड द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को लेकर विवाद गहरा गया है। शुक्रवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय लोगों ने मीटर लगाने की प्रक्रिया का पुरजोर विरोध किया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। यह विरोध प्रदर्शन इतना उग्र था कि अंततः बिजली बोर्ड के अधिकारियों और स्थानीय निवासियों के बीच का विवाद पुलिस थाने तक पहुँच गया।
तेज बिल और तकनीकी खामियों का आरोप
विरोध कर रहे स्थानीय निवासियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली के बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है। लोगों का कहना है कि पुराने मीटरों की तुलना में ये नए मीटर काफी तेज चलते हैं, जिससे मध्यम और गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि जब तक इन मीटरों की सटीकता और बिलिंग प्रणाली की निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक इन्हें लगाने का काम तुरंत रोका जाए।
पुलिस थाने में घंटों चली पंचायत
विवाद उस समय बढ़ गया जब बिजली बोर्ड की टीम मीटर लगाने क्षेत्र में पहुँची और स्थानीय लोगों ने उन्हें काम करने से रोक दिया। कहासुनी इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों को बिलासपुर सदर थाने बुलाया गया। थाने में घंटों चली बहस के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत करवाया। फिलहाल, प्रशासन इस मामले में बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है।
“हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन जनता की गाढ़ी कमाई को इस तरह तकनीकी खामियों के नाम पर नहीं लूटने दिया जाएगा। सरकार को पहले इन मीटरों की पारदर्शिता साबित करनी चाहिए।” — स्थानीय निवासी एवं प्रदर्शनकारी
विभाग का पक्ष: “स्मार्ट मीटर सुरक्षित और सटीक”
वहीं, बिजली बोर्ड के अधिकारियों का तर्क है कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह से सुरक्षित हैं और इनमें मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं है। विभाग के अनुसार, ये मीटर उपभोक्ताओं को उनकी बिजली खपत की वास्तविक जानकारी देते हैं, जिससे बिजली चोरी रोकने में मदद मिलेगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि वे सरकार के आदेशों का पालन कर रहे हैं और किसी भी प्रकार की बाधा डालने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।



