हिमाचल प्रदेश में वोकेशनल ट्रेनिंग को बढ़ावा
नए आयुष पाठ्यक्रम और बजट को मंजूरी

21/04/2026-VIDYA SAGAR
9वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को मंजूरी मिली।
पंचकर्म तकनीशियन पाठ्यक्रम और नए आईटीआई ट्रेड भी स्वीकृत।
तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रशिक्षण सचिव डॉ. अभिषेक जैन की अध्यक्षता में आयोजित राज्य व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण परिषद की 9वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को मंजूरी दे दी गई है। इस बैठक में एससीवीटी सोसायटी की आय और व्यय पर विस्तृत चर्चा की गई और पूर्व की बैठकों के निर्णयों की प्रगति की समीक्षा भी की गई।
council ने आयुष विभाग से प्राप्त एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है, जिसमें आयुर्वेदिक स्पा थेरेपिस्ट (पंचकर्म) पाठ्यक्रम का नाम बदलकर पंचकर्म तकनीशियन करने का सुझाव दिया गया था। इस प्रस्ताव में कांगड़ा जिला के आरजीजीपीजी आयुर्वेदिक अस्पताल और छोटा शिमला के क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अस्पताल में सीटों की संख्या बढ़ाने और आयुष विभाग के अंतर्गत 12 जिला एवं सरकारी अस्पतालों में इस पाठ्यक्रम को शुरू करने का प्रावधान भी शामिल है। इस पहल का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के युवाओं को स्वावलंबी बनने के नए अवसर प्रदान करना है क्योंकि इस कोर्स में स्वरोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं।
इसके अलावा, परिषद ने घुमारवीं, जुब्बल, रिकांग-पियो, रैल, ठियोग और शाहपुर स्थित छह सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में बागवानी, प्राकृतिक/जैविक खेती और डेयरी प्रौद्योगिकी क्षेत्र में हाल ही में स्वीकृत एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने को भी मंजूरी दी। ये पाठ्यक्रम राज्य की भौगोलिक विशेषताओं के अनुरूप होंगे, स्वरोजगार के अवसर उत्पन्न करेंगे और पर्यावरण के अनुकूल कृषि को बढ़ावा देंगे।
परिषद ने विशेषज्ञ कार्य समूह की सिफारिशों के अनुसार प्राकृतिक/जैविक खेती के लिए सर्टिफिकेट कोर्स का पाठ्यक्रम विकसित करने को भी मंजूरी दी। इस समूह में संबंधित विभागों और विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ शामिल थे।
गवर्निंग काउंसिल ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों-2025 के लिए संबद्धता मानकों को अपनाने, शुल्क संरचना निर्धारित करने और राज्य स्तर पर नए निजी आईटीआई खोलने तथा मौजूदा निजी आईटीआई में नए ट्रेड/यूनिट जोड़ने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने संबंधी अतिरिक्त दिशा निर्देशों को भी मंजूरी प्रदान की।



