बोह आपदा पीड़ितों के लिए मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान: बेघर परिवारों को मिलेंगे 8.50 लाख रुपये और मकान निर्माण के लिए सरकारी जमीन
शाहपुर के बोह पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लिया राहत कार्यों का जायजा; प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का दिया भरोसा

VIDYA SAGAR
शिमला / शाहपुर (कांगड़ा), 26 जुलाई 2026
शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के बोह में बादल फटने से हुई भारी तबाही के बाद मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और राहत एवं पुनर्वास कार्यों का प्रत्यक्ष जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बोह में स्थापित राहत शिविर का निरीक्षण किया तथा वहां रह रहे आपदा प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना।
मुख्यमंत्री ने संकट की इस घड़ी में प्रभावितों के साथ मजबूती से खड़े रहने का संकल्प दोहराते हुए सहायता राशि और पुनर्वास पैकेज की कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

8.50 लाख की आर्थिक मदद और सरकारी भूमि का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में जिन परिवारों के घर पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं, उन्हें नया मकान बनाने के लिए 7.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, कपड़े, बर्तन और दैनिक उपयोग का अन्य घरेलू सामान खरीदने के लिए 1 लाख रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे।
जिन बेघर हुए परिवारों के पास अपनी जमीन नहीं है, उन्हें प्रदेश सरकार नियमानुसार सरकारी भूमि उपलब्ध करवाएगी ताकि वे अपना नया आशियाना बना सकें।

राहत पैकेज की मुख्य बातें:
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मकान एवं घरेलू सामान: बेघर परिवारों को कुल ₹8.50 लाख (₹7.50 लाख गृह निर्माण + ₹1 लाख घरेलू सामान)।
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पशुधन हानि पर मुआवजा: गाय या भैंस की मृत्यु पर ₹55,000 प्रति पशु और बकरी की मृत्यु पर ₹15,000 प्रति बकरी।
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अंशतः क्षतिग्रस्त मकान व दुकानें: बाढ़ या जलभराव से प्रभावित घरों को ₹1 लाख और क्षतिग्रस्त दुकानों को नुकसान के आधार पर ₹50,000 से ₹1 लाख तक की सहायता।
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फसल क्षतिपूर्ति: किसानों को फसलों के नुकसान पर ₹5,000 प्रति कनाल की दर से मुआवजा।
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किराया व राशन सहायता: किराए पर रहने वाले परिवारों को ₹5,000 प्रतिमाह किराया मदद तथा प्रभावितों को 6 महीने तक मुफ्त राशन।
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तत्काल अंतरिम राहत: 25 परिवारों को ₹25-25 हजार तथा 16 अन्य परिवारों को ₹10-10 हजार की तत्काल सहायता जारी की गई।
रिडकमार PHC का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्तरोन्नयन
प्रभावित क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने रिडकमार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के रूप में स्तरोन्नत (Upgrade) करने की घोषणा की।
₹3,500 करोड़ से बनेगा आपदा-रोधी आधारभूत ढांचा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार केवल तात्कालिक राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के जोखिमों को कम करने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर काम कर रही है। राज्य में 3,500 करोड़ रुपये की लागत से आपदा-रोधी (Disaster-Resilient) इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार राहत नियमों में संशोधन कर मुआवजा राशि में ऐतिहासिक वृद्धि की गई है और त्वरित वित्तीय मदद के लिए एक विशेष आपदा राहत कोष का गठन किया गया है।
प्रभावित गांवों का विवरण एवं सुरक्षा उपाय
हालिया आपदा से घुड़घुं, भंगार और सपेड़ा गांवों के कुल 25 परिवार प्रभावित हुए हैं:
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घुड़घुं गांव: 11 मकानों के 18 परिवारों के 52 सदस्य प्रभावित।
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भंगार गांव: 1 मकान के 3 परिवारों के 16 सदस्य प्रभावित।
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सपेड़ा गांव: 4 मकानों के 4 परिवारों के 16 सदस्य प्रभावित।
सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने सपेड़ा गांव के 13 मकानों को डेंजर जोन (खतरा क्षेत्र) घोषित किया है।

राहत एवं बचाव दलों के प्रयासों की सराहना
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन, पुलिस, NDRF, SDRF, भारतीय सेना, स्थानीय जन-प्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के त्वरित प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर शाहपुर के विधायक एवं उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष दीपक राठौर, वूल फेडरेशन के अध्यक्ष मनोज कुमार, स्थानीय पंचायत प्रधान नीलम कुमारी, उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



