हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला: विदेश से MBBS करने वालों की इंटर्नशिप अवधि अब 1 वर्ष, CM सुक्खू ने दिए निर्देश
कोविड महामारी के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले विदेशी मेडिकल स्नातकों को बड़ी राहत; 2 साल की बाध्यता खत्म

VIDYA SAGAR
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शिमला, 25 जुलाई, 2026:
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कोविड-19 महामारी के दौरान विदेशों से एमबीबीएस (MBBS) करने वाले छात्रों के हित में एक बड़ा और संवेदनशील फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि पात्र विदेशी चिकित्सा स्नातकों, जिन्हें महामारी के कारण मजबूरन ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से अध्ययन करना पड़ा था, उन्हें 1 वर्ष की इंटर्नशिप करने की अनुमति प्रदान की जाए।
शनिवार को शिमला में प्रभावित विद्यार्थियों और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की।
छात्र हितैषी और व्यावहारिक दृष्टिकोण: CM सुक्खू
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा:-
“हमारी सरकार प्रभावित विद्यार्थियों की चिंताओं का समाधान निष्पक्ष, व्यावहारिक और छात्र हितैषी दृष्टिकोण से करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कोविड-19 महामारी के दौरान उत्पन्न अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण जिन योग्य छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई थी, उन्हें किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं उठाने दिया जाएगा।”

विदेशी मेडिकल स्नातकों की असमानता होगी दूर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एक ही शैक्षणिक बैच के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप की अलग-अलग अवधि निर्धारित किए जाने से भारी भ्रम और अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई थी। समान परिस्थितियों में पढ़ाई करने के बावजूद:
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कुछ छात्रों को 1 वर्ष की इंटर्नशिप की अनुमति मिल गई थी।
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जबकि उसी बैच के अन्य छात्रों को 2 वर्ष की इंटर्नशिप करने के निर्देश दिए गए थे।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के दिशा-निर्देश: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने राज्यों को यह अधिकार सौंपा है कि वे महामारी के दौरान ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई करने वाले विदेशी चिकित्सा स्नातकों के लिए प्रतिपूरक (Compensatory) प्रशिक्षण अवधि की उपयुक्तता का आकलन खुद करें। NMC के प्रावधानों और छात्रों की वास्तविक कठिनाइयों को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी पात्र अभ्यर्थियों के लिए इंटर्नशिप की अवधि एक वर्ष तय करने का निर्णय लिया है।
शीघ्र आदेश जारी करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक औपचारिकताओं को अविलंब पूरा कर औपचारिक आदेश जल्द से जल्द जारी किए जाएं, ताकि छात्र बिना किसी देरी के अपनी इंटर्नशिप शुरू या पूरी कर सकें।
इस निर्णय के मुख्य लाभ:
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कैरियर में गति: विदेशी मेडिकल स्नातकों का समय खराब नहीं होगा और वे बिना किसी अड़चन के अपने चिकित्सा करियर में आगे बढ़ सकेंगे।
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स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार: राज्य के अस्पतालों को जल्द ही प्रशिक्षित डॉक्टर उपलब्ध होंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता मजबूत होगी।
बैठक में मौजूद प्रमुख अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री के साथ निम्नलिखित अधिकारी उपस्थित रहे:
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नरेश चौहान (प्रधान सलाहकार – मीडिया)
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आशीष सिंहमार (स्वास्थ्य सचिव)
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डॉ. गोपाल बेरी (चिकित्सा शिक्षा निदेशक)



