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मरीजों को बड़ी राहत: निदान सेवाओं में ‘शून्य प्रतीक्षा समय’ सुनिश्चित करें स्वास्थ्य विभाग — मुख्यमंत्री सुक्खू

आईजीएमसी शिमला को जल्द मिलेगी अत्याधुनिक 256-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन; स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के लिए ₹3000 करोड़ का प्रावधान।

VIDYA SAGAR

शिमला, 03 जुलाई (HNS):

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सीटी स्कैन, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण निदान (Diagnostic) सेवाओं में मरीजों के लिए ‘शून्य प्रतीक्षा अवधि’ (Zero Waiting Period) सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य मरीजों को बिना किसी असुविधा के समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है।

यह निर्देश मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (IGMC) शिमला और चमियाना सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निदान विभागों की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।

चिकित्सकों से मांगा सहयोग और सुझाव

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों और विशेषज्ञों से सीधे संवाद किया। उन्होंने निदान सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा मरीजों के लिए वेटिंग टाइम को पूरी तरह खत्म करने के लक्ष्य को साकार करने के लिए चिकित्सकों से बहुमूल्य सुझाव और सहयोग मांगा।

“प्रदेश सरकार आवश्यक श्रम शक्ति और आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवा रही है। अब विभाग को इन आवश्यक सेवाओं में प्रतीक्षा समय समाप्त करने के लिए समन्वित प्रयास करने चाहिए।”

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश


डॉक्टरों की मांग पूरी: IGMC को मिलेगी अत्याधुनिक CT स्कैन मशीन

आईजीएमसी (IGMC) के चिकित्सकों की लंबे समय से चल रही मांग को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री ने संस्थान को शीघ्र ही 256-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के लिए बजट की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।



स्वास्थ्य क्षेत्र के कायाकल्प के लिए ₹3,000 करोड़ का मास्टरप्लान

हिमाचल प्रदेश के नागरिकों को इलाज के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े, इसके लिए सरकार बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है:

  • पदों की प्राथमिकता पर भर्ती: डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है।

  • AIIMS के स्तर के उपकरण: देश के प्रतिष्ठित संस्थान एम्स (AIIMS), नई दिल्ली की तर्ज पर उच्चस्तरीय चिकित्सा उपकरणों की खरीद के लिए 3,000 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है।

  • ग्रामीण और जिला स्तर तक पहुंच: ये अत्याधुनिक मशीनें सिर्फ बड़े मेडिकल कॉलेजों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि राज्य के सभी जिला अस्पतालों, जोनल अस्पतालों और नागरिक अस्पतालों में भी स्थापित की जाएंगी।


बैठक में मौजूद रहे शीर्ष अधिकारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में शासन और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें प्रधान सचिव देवेश कुमार, सचिव (स्वास्थ्य) एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर और निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी मुख्य रूप से शामिल थे।

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