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राज्यपाल ने ‘ड्रॉप्स ऑफ चेंज’ पुस्तक का विमोचन किया पुस्तक में नवाचार और जनभागीदारी की लगभग 100 सफलता की कहानियां

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज लोक भवन, शिमला में ‘ड्रॉप्स ऑफ चेंजः इम्पैक्टफुल स्टोरीज ऑफ जल शक्ति डिपार्टमेंट, हिमाचल प्रदेश’ नामक पुस्तक का विमोचन किया।

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5 सितम्बर, 2026

(Viren Thakur)

यह पुस्तक उप-मुख्यमंत्री एवं जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में जल शक्ति विभाग द्वारा प्रकाशित की गई है। पुस्तक का संपादन जल शक्ति विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने किया है।

पुस्तक में विभाग के विभिन्न मंडलों से जुड़ी लगभग 100 सफलता की कहानियों को संकलित किया गया है। इनमें पेयजल आपूर्ति, सिंचाई, सीवरेज, जल संरक्षण, जल स्रोतों की स्थिरता, जल गुणवत्ता, बाढ़ सुरक्षा, सामुदायिक भागीदारी, नवाचार और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में की गई अभिनव पहलों तथा प्रभावशाली हस्तक्षेपों को प्रमुखता से दर्शाया गया है।

विभाग को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि ‘ड्रॉप्स ऑफ चेंज’ हिमाचल प्रदेश की चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद लोगों तक जल सेवाएं पहुंचाने वाले अधिकारियों, इंजीनियरों, कर्मचारियों और जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मियों के समर्पण, नवाचार और अथक प्रयासों का जीवंत दस्तावेज है।

उन्होंने कहा कि पुस्तक में शामिल कहानियां केवल योजनाओं, परियोजनाओं और आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें उन परिवारों, किसानों और समुदायों की कहानियां शामिल हैं, जिनके जीवन में जल की बेहतर उपलब्धता के माध्यम से सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहलें प्रदेश में लोगों की आजीविका में सुधार और जल सुरक्षा को मजबूत करने में जल शक्ति विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाती हैं।

इस अवसर पर जल शक्ति विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने कहा कि पुस्तक में जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, ‘कैच द रेन’ अभियान तथा एनडीबी, एडीबी और अन्य एजेंसियों द्वारा समर्थित बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के तहत की गई उल्लेखनीय पहलों का उल्लेख किया गया है।

उन्होंने कहा कि ‘डॉªप्स ऑफ चेंज’ का उद्देश्य केवल उपलब्धियों का दस्तावेजीकरण करना नहीं है, बल्कि सफल कार्यप्रणालियों को संस्थागत ज्ञान में परिवर्तित करना भी है, ताकि उनका अध्ययन किया जा सके, उनसे सीख ली जा सके और उन्हें अन्य क्षेत्रों में दोहराया जा सके।

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उन्होंने कहा कि यह प्रकाशन प्रशिक्षण, भविष्य की योजनाओं के निर्माण तथा विभाग की संस्थागत ज्ञान को संरक्षित करने के लिए भी एक उपयोगी संदर्भ दस्तावेज के रूप में काम करेगा।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी तथा राज्य सरकार और जल शक्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

 

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