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विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री का संवाद, करियर से लेकर स्वच्छता और पेपर लीक तक हुए सवाल

रैल स्कूल के विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से बेबाकी से पूछे सवाल, मुख्यमंत्री ने दिए जवाब

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17 सितम्बर, 2026

(Viren Thakur)

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रैल के विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से उनके करियर, पढ़ाई और शिक्षा क्षेत्र में हो रहे बदलावों को लेकर फीडबैक लिया।

मुख्यमंत्री ने सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू होने के बाद स्कूल में आए परिवर्तनों के बारे में भी विद्यार्थियों से जानकारी प्राप्त की। संवाद के दौरान एक छात्रा ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि हमारे समाज में सफाई को छोटा काम क्यों समझा जाता है और प्रदेश को स्वच्छ बनाने के लिए क्या किया जा सकता है? छात्रा ने बताया कि उसकी बहन सरकार के एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम के तहत कजाकिस्तान गई थी, जहां उसने बेहतर स्वच्छता व्यवस्था देखी। छात्रा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को भी और साफ-सुथरा व हरा-भरा होना चाहिए।

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने छात्रा के सवाल को उचित बताते हुए कहा कि स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी सदैव ही स्वच्छता को विशेष महत्व दिया। हमें अपने घर के साथ-साथ आस-पास के क्षेत्र को भी स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। केवल अपना घर साफ रखने की मानसिकता पर्याप्त नहीं है, बल्कि आस-पड़ोस में भी स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विद्यार्थियों से पूछा कि उन्हें सीबीएसई पाठ्यक्रम आधारित स्कूलों में अच्छा लग रहा है या नहीं। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें सीबीएसई पाठ्यक्रम बहुत रुचिपूर्ण लग रहा है। इस पाठ्यक्रम से वह प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होंगे, साथ ही वह शिक्षा क्षेत्र की वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनेंगे। विद्यार्थियों ने सीबीएसई स्कूल खोलने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

एक छात्र ने मुख्यमंत्री से नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पेपर लीक होने से विद्यार्थियों पर गंभीर मानसिक दबाव पड़ता है और उन्हें कई प्रकार की परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपर लीक नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक की घटना से देश में युवाओं को गहरा आघात लगा है और इसके विरोध में युवा सड़कों पर उतरे। उन्होंने कहा कि हर बच्चे और उसके अभिभावक को अपने बच्चे की सफलता की उम्मीद होती है, ऐसे में पेपर लीक होना युवाओं के साथ धोखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब चार वर्ष पहले हिमाचल प्रदेश में भी प्रश्नपत्रों की बिक्री जैसी घटनाएं सामने आई थीं। परन्तु वर्तमान राज्य सरकार ने मामले की जांच करवाने के साथ ही हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर को भंग किया तथा पेपर लीक में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा गया। उन्होंने कहा कि अब हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया अपनाई जा रही है और पेपर लीक करने वालों को यह स्पष्ट संदेश है कि ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर उन्हें जेल जाना पड़ेगा।

संवाद के दौरान एक छात्रा ने स्कूल के लिए रंगस से बस सुविधा शुरू करने की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसके लिए आवश्यक इंतजाम कर रही है। वहीं, एक प्राथमिक स्कूल के विद्यार्थी ने प्राथमिक स्कूल की टूटी हुई सीढ़ियों की समस्या मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को स्कूल की टूटी सीढ़ियों की जल्द मरम्मत करवाने के निर्देश दिए।

 

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