सोलन के समलेच में ‘सभ्य री-फॉरेस्टर्स’ के 11वें वार्षिक पौधरोपण अभियान का भव्य शुभारंभ; राज्यपाल ने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली बनाने का किया आह्वान।
📰 पौधरोपण मानवता के सुरक्षित भविष्य का आधार: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता

VIDYA SAGAR
📍 शिमला | 9 अगस्त, 2026
हिमाचल प्रदेश। राज्य के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने पौधरोपण को मानवता के सुरक्षित भविष्य का आधार बताते हुए कहा कि यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक दृढ़ संकल्पित सामूहिक प्रयास है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज रोपा गया प्रत्येक पौधा भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य विरासत सिद्ध होगा।
राज्यपाल आज सोलन जिला के समलेच गांव में सामाजिक संस्था ‘सभ्य री-फॉरेस्टर्स’ द्वारा आयोजित 11वें वार्षिक पौधरोपण अभियान के शुभारम्भ समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
🌿 “केवल पौधा लगाना काफी नहीं, देखभाल और पोषण है असली उद्देश्य”
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि वृक्ष जीवन का आधार हैं, जो हमें स्वच्छ वायु प्रदान करने के साथ-साथ जल संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
“पौधरोपण केवल एक शुरुआत है। इसका वास्तविक उद्देश्य तब पूरा होता है जब हम पौधे को एक स्वस्थ वृक्ष बनने तक सुरक्षा और उचित देखभाल प्रदान करते हैं।” — कविन्द्र गुप्ता, राज्यपाल (हिमाचल प्रदेश)
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण को किसी औपचारिकता के बजाय अपनी दैनिक जीवनशैली का अनिवार्य हिस्सा बनाएं।

🏔️ हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा पूरे देश का दायित्व
जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि अनियमित वर्षा, बादल फटना, भू-स्खलन, ग्लेशियरों का सिकुड़ना और बढ़ता तापमान वैश्विक चिंता का विषय हैं।
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सांस्कृतिक परंपरा: भारतीय सभ्यता में प्रकृति को सदैव पवित्र माना गया है और पर्यावरण रक्षा हमारी आध्यात्मिक जड़ों में रची-बसी है।
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हिमाचल का योगदान: वनों, पर्वतों और नदियों से समृद्ध हिमाचल प्रदेश क्षेत्रीय पारिस्थितिक संतुलन में अग्रणी भूमिका निभाता है।
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सामूहिक जिम्मेदारी: हिमालयी पर्यावरण की सुरक्षा केवल हिमाचल की नहीं, बल्कि पूरे देश की साझा जिम्मेदारी है।
🇮🇳 ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान बना जन-आंदोलन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस पहल ने पर्यावरण संरक्षण को एक देशव्यापी जन-आंदोलन का रूप दे दिया है।
उन्होंने नागरिकों, शिक्षण संस्थानों, पंचायती राज संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों और उद्योगों से निम्नलिखित क्षेत्रों में बढ़-चढ़कर योगदान देने का आग्रह किया:
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व्यापक वनीकरण एवं जल संरक्षण
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नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग
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एकल-उपयोग प्लास्टिक (Single-Use Plastic) में कमी
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जैव विविधता एवं स्वच्छता अभियान
🎭 सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं विजेताओं का सम्मान
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विशेष अतिथि का संबोधन: कार्यक्रम के विशेष अतिथि श्याम जाजू ने पिछले 11 वर्षों से ‘सभ्य री-फॉरेस्टर्स’ द्वारा पौधों की देखभाल के संकल्प और निरंतर प्रयासों की सराहना की।
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प्रतियोगिताएँ एवं सम्मान: राज्यपाल ने अभियान के तहत आयोजित चित्रकला (Painting) एवं प्रश्नोत्तरी (Quiz) प्रतियोगिताओं के मेधावी विजेताओं को पुरस्कृत किया।
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लघु नाटक: स्कूली विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर एक भावपूर्ण लघु नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
👥 कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथि
इस अवसर पर प्रशासनिक एवं स्थानीय निकायों के कई वरिष्ठ अधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित रहे:
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उपायुक्त सोलन: मनमोहन शर्मा
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पुलिस अधीक्षक: एस.डी. वर्मा
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जिला परिषद अध्यक्ष: शीला कुमारी
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महापौर (नगर निगम सोलन): सुषमा शर्मा
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सभ्य री-फॉरेस्टर्स: अध्यक्ष अजय, महासचिव रिपु दमन एवं अन्य गणमान्य नागरिक।




