हिमाचल को मिली पहली ‘ग्रीन पंचायत’
धरेच में 500 किलोवाट सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन

27/04/2026-VIDYA SAGAR
शिमला (कसुम्पटी) | हिमाचल प्रदेश को “हरित ऊर्जा राज्य” बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। शिमला ज़िला के कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र की धरेच ग्राम पंचायत प्रदेश की पहली ‘ग्रीन पंचायत’ बन गई है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने अपने हालिया कसुम्पटी दौरे के दौरान यहाँ स्थापित 500 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र का विधिवत उद्घाटन किया।

विकास की नई किरण: ₹1.94 करोड़ की लागत
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 1 करोड़ 94 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। परियोजना का निर्माण कार्य जनवरी 2025 में शुरू हुआ था और मात्र 15 महीनों के भीतर 30 मार्च 2026 को इसे सफलतापूर्वक विद्युत ग्रिड से जोड़ दिया गया।

आय और उत्पादन का गणित
यह संयंत्र न केवल पर्यावरण को बचाएगा बल्कि आर्थिक रूप से भी मील का पत्थर साबित होगा:
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दैनिक उत्पादन: लगभग 3000 यूनिट स्वच्छ ऊर्जा।
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वार्षिक उत्पादन: करीब 8 लाख यूनिट।
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विक्रय दर: हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत् बोर्ड लिमिटेड ₹3.50 प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदेगा।
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अनुमानित वार्षिक आय: ग्राम पंचायत को लगभग ₹28 लाख की नियमित आय होगी।
राजस्व का अनूठा ‘कल्याणकारी मॉडल’
मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस परियोजना को आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया। इससे होने वाली आय का बँटवारा इस प्रकार किया जाएगा:

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30%: ग्राम पंचायत के विकास कार्यों के लिए।
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20%: अनाथों और विधवाओं के कल्याण के लिए।
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20%: राज्य सरकार के खाते में।
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10%: ‘हिम ऊर्जा’ (HIMURJA) को।
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20%: संयंत्र के संचालन एवं रख-रखाव के लिए।
“25 वर्षों की आयु वाली यह सौर परियोजना ग्रामीण सशक्तिकरण और सतत विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। धरेच मॉडल को अब पूरे प्रदेश की पंचायतों में दोहराया जाएगा।” – ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री



