हिमाचल प्रदेश: HPMC की अनोखी पहल, अब खाली कांच की बोतलें लौटाने पर मिलेंगे पैसे; शुरू की ‘बायबैक योजना’
पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़ी शुरुआत; उपभोक्ताओं को प्रत्येक बोतल पर ₹2 तक और रिटेलर्स-डिस्ट्रीब्यूटर्स को मिलेगा ₹4 तक का इंसेंटिव।

VIDYA SAGAR
शिमला, 08 जुलाई 2026:
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हिमाचल प्रदेश को स्वच्छ और हरित बनाए रखने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए हिमाचल प्रदेश बागवानी उपज विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (HPMC) ने एक बेहद सराहनीय पहल की है। पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कचरा प्रबंधन (Sustainable Waste Management) को बढ़ावा देने के लिए HPMC ने इस्तेमाल की जा चुकीं खाली कांच की बोतलों की रीसाइक्लिंग के लिए ‘बायबैक योजना’ की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य आम उपभोक्ताओं, खुदरा विक्रेताओं (Retailers) और वितरकों (Distributors) को कांच की खाली बोतलें फेंकने के बजाय वापस करने के लिए प्रेरित करना है। इससे राज्य में कांच के कचरे का सही निपटान तो होगा ही, साथ ही इस मुहिम से जुड़ने वाले लोगों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा।
किसे और कितनी मिलेगी आर्थिक प्रोत्साहन राशि?
HPMC द्वारा जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, बोतलों के आकार (Size) के आधार पर पैसे दिए जाएंगे:
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आम उपभोक्ताओं के लिए: यदि आप 200 मिलीलीटर की खाली बोतल अधिकृत रिटेलर के पास जमा कराते हैं, तो आपको 1 रुपये प्रति बोतल मिलेगा। वहीं, 600 मिलीलीटर की बोतल लौटाने पर 2 रुपये प्रति बोतल दिए जाएंगे।
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रिटेलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए: कलेक्शन के अलग-अलग चरणों और रीसाइक्लिंग चेन को सुचारू रूप से चलाने के लिए खुदरा विक्रेताओं और वितरकों को प्रति बोतल 4 रुपये तक का प्रोत्साहन (Incentive) दिया जाएगा।
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जरोल प्लांट में होगी रीसाइक्लिंग, बनाई गई विशेष व्यवस्था
विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए एक मजबूत सप्लाई चेन तैयार की है। दिशा-निर्देशों के मुताबिक:
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उपभोक्ता अपनी खाली बोतलें स्थानीय रिटेलर्स के पास जमा करवाएंगे।
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रिटेलर्स से यह स्टॉक डिस्ट्रीब्यूटर्स और HPMC के क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से एकत्रित किया जाएगा।
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इसके बाद इन सभी बोतलों को छंटाई (Sorting) और रीसाइक्लिंग के लिए जरोल स्थित HPMC के फल प्रसंस्करण संयंत्र (Fruit Processing Plant) भेजा जाएगा। बोतलों के सुरक्षित परिवहन (Transportation) के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
‘स्वच्छ और हरित हिमाचल’ के लिए HPMC की अपील
HPMC प्रबंधन ने प्रदेश के तमाम उपभोक्ताओं, रिटेलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स से इस पर्यावरण-अनुकूल अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया है। निगम का मानना है कि यह योजना न केवल कांच के कचरे के पहाड़ों को कम करेगी, बल्कि रीसाइक्लिंग की संस्कृति को बढ़ावा देकर सभी हितधारकों (Stakeholders) के लिए एक मुनाफेदार और पर्यावरण के अनुकूल मॉडल साबित होगी।



