हिमाचल में एचएएस और अलाइड सेवाओं की भर्ती अटकी: जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर तीखा हमला, कहा— “कोविड काल में भी नहीं रुकी थीं भर्तियां”
नेता प्रतिपक्ष ने लगाया युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप; बोले— “मित्रों को दो-दो साल का एक्सटेंशन और आम जनता की नौकरियां खत्म कर रही सरकार”

VIDYA SAGAR-31/07/2026
शिमला
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की सुक्खू सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है। शिमला से जारी एक प्रेस बयान में उन्होंने कहा कि जुलाई माह समाप्त हो चुका है, लेकिन राज्य की सबसे महत्वपूर्ण हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (HAS) और अलाइड सर्विसेज की भर्ती प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हो पाई है।
“कोविड काल में भी सुचारू रूप से जारी थीं भर्तियां”
जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य को चलाने के लिए युवा अधिकारियों की भर्ती बेहद आवश्यक है।
“वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौर में भी एचएएस और अलाइड सर्विसेज की भर्ती प्रक्रिया नहीं रुकी थी। लेकिन वर्तमान सरकार मित्र मंडली को सेवा विस्तार देने में व्यस्त है और युवा अधिकारियों की भर्ती से परहेज कर रही है। सेवानिवृत्त अधिकारियों को दो-दो साल का एक्सटेंशन दिया जा रहा है, जबकि योग्य युवाओं को दरकिनार किया जा रहा है।”
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि एचएएस और अलाइड सेवाओं की भर्ती अधिसूचना तुरंत जारी की जाए।

न्यायालय में स्टेटस रिपोर्ट न देने पर घेरा
जेओए (JOA) लाइब्रेरी भर्ती प्रक्रिया का उदाहरण देते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि मार्च 2024 में 771 पदों पर चरणबद्ध भर्ती की बात कही गई थी, जिनमें से 235 पदों को वित्तीय मंजूरी मिल चुकी थी। इसके बावजूद केवल 78 पदों पर प्रक्रिया शुरू हुई, जिसे आज तक अंजाम तक नहीं पहुंचाया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि माननीय उच्च न्यायालय के संज्ञान में चल रहे मामलों में भी सरकार समय पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने से कतरा रही है, जिस पर अदालत ने भी कड़ा रुख अपनाया है।
“रोजगार की झूठी गारंटी देकर सत्ता में आई कांग्रेस”
नेता प्रतिपक्ष ने सुक्खू सरकार को ‘स्थायी नौकरी विरोधी’ करार देते हुए कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों के दौरान 5 लाख नौकरियां देने की झूठी गारंटी दी थी।
“सत्ता में आने के बाद से सरकार पद समाप्त करने की मुहिम चला रही है। कभी चौकीदार के 566 पद खत्म किए जाते हैं, तो कभी ड्राइवरों और एसडीओ (SDO) के पद। कोविड के समय अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने वाले आउटसोर्स कर्मियों को भी नौकरी से बाहर निकाल दिया गया।”
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से भर्ती में जमकर धांधली हो रही है और सरकार के मंत्री खुले मंचों से सिफारिशों के आधार पर नौकरियां बांटने की बात स्वीकार कर रहे हैं।




