हिमाचल में कुदरत का कहर
₹5000 करोड़ की सेब आर्थिकी पर संकट, 75% फसल तबाही की कगार पर

24/04/2026-VIDYA SAGAR
शिमला/कुल्लू:
हिमाचल प्रदेश के बागवानों के लिए इस साल मौसम काल बनकर आया है। बेमौसम बर्फबारी और भीषण ओलावृष्टि ने राज्य की रीढ़ मानी जाने वाली ₹5000 करोड़ की सेब आर्थिकी को हिलाकर रख दिया है। सेब के बगीचों में इस समय जो मंजर है, वह बेहद चिंताजनक है।
75% फसल बर्बाद होने का अनुमान
ABP लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, ऊपरी शिमला, कुल्लू और मंडी के ऊंचाई वाले इलाकों में हुई ओलावृष्टि से सेब की फसल को अपूरणीय क्षति हुई है। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, करीब 75 प्रतिशत फसल तबाह हो चुकी है। बागवानों का कहना है कि न केवल फल, बल्कि ओलावृष्टि से पेड़ों की टहनियों और बीमा (Buds) को भी भारी नुकसान पहुँचा है, जिसका असर अगले साल की फसल पर भी दिख सकता है।
IMD का नया अलर्ट: 25 से 28 अप्रैल तक फिर बिगड़ेंगे हालात
मौसम विभाग (IMD) ने बागवानों की चिंता और बढ़ा दी है। विभाग ने 25 से 28 अप्रैल के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि, अगले 48 से 72 घंटों के दौरान मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ने और गर्मी महसूस होने की संभावना जताई गई है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर बागवानी के लिए घातक साबित हो सकता है।
“इस साल फ्लावरिंग के समय ही ओलावृष्टि ने सब कुछ खत्म कर दिया है। अगर सरकार ने जल्द राहत पैकेज या मुआवजे का ऐलान नहीं किया, तो प्रदेश का बागवान कर्ज के नीचे दब जाएगा।” – स्थानीय बागवान प्रतिनिधि
सरकार और बागवानी विभाग अब नुकसान का विस्तृत आकलन करने में जुट गए हैं ताकि प्रभावित किसानों को समय पर मदद पहुँचाई जा सके।
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Title: हिमाचल में सेब आर्थिकी तबाह!
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Sub-title: ओलावृष्टि से 75% फसल बर्बाद, मौसम विभाग का नया अलर्ट जारी।
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Visuals: गिरे हुए ओले, टूटी हुई सेब की टहनियां और उदास बागवान।



