हिमाचल में ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का असर: कर्मचारियों और पेंशनरों के चिकित्सा बिलों के लिए ₹212 करोड़ जारी
सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला: वित्तीय सुधारों से पटरी पर लौटी प्रदेश की अर्थव्यवस्था, लंबित देयताओं का चरणबद्ध निपटारा शुरू

VIDYA SAGAR
शिमला, 29 जून 2026
![]()
हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा किए जा रहे ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखने लगे हैं। कड़े वित्तीय अनुशासन, संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की नीति के चलते प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगातार सुदृढ़ हो रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबे समय से लंबित वित्तीय लाभों का तेजी से निपटारा करते हुए चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 27 जून तक चिकित्सा प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) बिलों के भुगतान के लिए 212 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जारी कर दी है।
बजट का आवंटन: किसे कितना मिला?
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद वित्त विभाग ने बिना किसी देरी के यह धनराशि आवंटित की है। जारी की गई कुल राशि का विवरण इस प्रकार है:
| वर्ग | आवंटित राशि |
| पेंशनभोगी (Pensioners) | ₹131.03 करोड़ |
| सरकारी कर्मचारी (Employees) | ₹80.97 करोड़ |
नोट: राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी पात्र कर्मचारी और पेंशनर अपने चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के भुगतान के संबंध में अपने संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) से तुरंत संपर्क कर सकते हैं।
![]()
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और पारिवारिक पेंशनरों को विशेष राहत
कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2016 के बाद सेवानिवृत्त हुए या दिवंगत हो चुके चतुर्थ श्रेणी (Class-IV) कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को बहुत बड़ी राहत दी है।
-
मूल पेंशन: जिनकी मूल पेंशन ₹25,000 प्रति माह तक है, उनके लंबित एरियर जारी कर दिए गए हैं।
-
पारिवारिक पेंशन: ₹15,000 प्रति माह तक की पारिवारिक पेंशन पाने वाले आश्रितों के एरियर का भी पूर्ण भुगतान कर दिया गया है।
-
1 जनवरी, 2016 से पूर्व के सेवानिवृत्त: मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश पर 1 जनवरी, 2016 से पहले रिटायर हुए पेंशनभोगियों के संशोधित पेंशन एरियर का पूरा भुगतान सुनिश्चित कर दिया गया है।
पिछली सरकार पर बरसे मुख्यमंत्री सुक्खू
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की वित्तीय नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा:-
“पिछली भाजपा सरकार को केंद्र से आरडीजी (RDG) और जीएसटी क्षतिपूर्ति के रूप में लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिली थी। इसके बावजूद उन्होंने कर्मचारियों और पेंशनरों को छठे वेतन आयोग का एरियर और अन्य देय लाभ समय पर नहीं दिए।”
उन्होंने आगे जोड़ा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभालते ही सबसे पहले कर्मचारियों के हितों की रक्षा की और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया।
![]()
“व्यवस्था परिवर्तन का उद्देश्य केवल आर्थिक सुधार नहीं, बल्कि भरोसा जीतना है”
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल कागजी आर्थिक सुधार करना नहीं है। ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का असली मकसद सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और हिमाचल की आम जनता के भीतर सरकार के प्रति विश्वास को वापस जगाना और उसे मजबूत करना है। प्रदेश की वित्तीय स्थिति में सुधार के साथ ही सभी लंबित वित्तीय लाभों का चरणबद्ध तरीके से भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है।



