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हिमाचल प्रदेश: सामाजिक सुरक्षा पेंशन नियमों में बड़ा संशोधन

लाभार्थियों की संख्या 8.42 लाख के पार

शिमला 24/4/2026- मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने राज्य के वंचित और कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के वितरण को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। पिछले तीन वर्षों में रिकॉर्ड 99,799 नए मामलों को स्वीकृति मिलने के साथ ही राज्य में कुल पेंशन लाभार्थियों का आंकड़ा बढ़कर 8,41,917 हो गया है।

लाभार्थियों का श्रेणीवार विवरण

प्रदेश सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों के तहत लाखों पात्र व्यक्तियों को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है:

पेंशन श्रेणी लाभार्थियों की संख्या
राज्य वृद्धावस्था पेंशन 5,04,253
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन 1,04,740
विधवा, निराश्रित एवं एकल महिला पेंशन 1,26,808
विकलांगता राहत भत्ता 78,291
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन 25,414
अन्य (कुष्ठ रोगी, ट्रांसजेंडर, आदि) 1,411

प्रशासनिक सुधार: अब आसान हुई पेंशन की राह

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य ध्येय ‘सुशासन’ है। महिलाओं और दिव्यांगजनों को होने वाली प्रशासनिक जटिलताओं को दूर करने के लिए दो सबसे बड़े सुधार किए गए हैं:

  1. आय सीमा की समाप्ति: विधवा, परित्यक्ता, एकल महिलाओं और 40-69% दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए आय सीमा की शर्त को खत्म कर दिया गया है।

  2. ग्राम सभा की अनिवार्यता खत्म: अब इन श्रेणियों के लिए ग्राम सभा की स्वीकृति लेना अनिवार्य नहीं होगा, जिससे आवेदन प्रक्रिया तेज और सुगम हो गई है।

“भ्रष्टाचार के रास्ते बंद कर हमने अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया है। राज्य के संसाधनों पर सबसे पहला अधिकार समाज के सबसे कमजोर वर्ग का है, और हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि उन तक सहायता बिना किसी देरी के पहुंचे।”

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री

दिव्यांगजनों के लिए बड़ी राहत

सरकार ने 100% दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उनकी पेंशन राशि में भारी वृद्धि की है। अब उन्हें 1,700 रुपये के स्थान पर 3,000 रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जा रहे हैं। इस निर्णय से प्रदेश के लगभग 7,000 दिव्यांगजन सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं।

वित्तीय वर्ष वार नए स्वीकृत मामले

मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार ने हर साल निरंतरता के साथ नए लाभार्थियों को जोड़ा है:

  • 2023-24: 41,799 मामले

  • 2024-25: 41,012 मामले

  • 2025-26: 16,988 मामले

इस समयबद्ध वितरण और नियमों में सरलीकरण से राज्य की हजारों महिलाओं और बुजुर्गों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।


संपादकीय टिप्पणी: यह कदम न केवल राज्य के सामाजिक ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘ई-गवर्नेंस’ के दौर में हिमाचल को एक आदर्श कल्याणकारी राज्य के रूप में स्थापित करेगा।

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