प्रशासन का मूल मंत्र ‘जन-केंद्रित’ दृष्टिकोण होना चाहिए
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता

27/04/2026-VIDYA SAGAR
शिमला | राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज राजभवन (लोक भवन) में हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (HAS) बैच 2025 के 15 प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ विशेष संवाद किया। उन्होंने युवा अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि एक सफल सिविल सेवक वही है जिसके कार्यों के केंद्र में ‘आम जन’ हो। उन्होंने ईमानदारी, समर्पण और सेवा भाव को प्रशासनिक करियर का आधार बताया।
सुशासन और नैतिक आचरण पर बल
वर्तमान में शिमला स्थित डॉ. मनमोहन सिंह लोक प्रशासन संस्थान (HIPA), फेयरलॉन्स में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे इन अधिकारियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने ‘सुशासन’ (Good Governance) की महत्ता को रेखांकित किया।
-
पारदर्शिता और जवाबदेही: राज्यपाल ने अधिकारियों से दूरदराज के क्षेत्रों में पारदर्शिता के साथ कार्य करने का आग्रह किया।
-
अंतिम छोर तक पहुंच: सरकारी योजनाओं के लाभ को हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए उन्होंने ‘परिपूर्ण दृष्टिकोण’ अपनाने का आह्वान किया।
नवाचार और प्रौद्योगिकी: आधुनिक चुनौतियों का समाधान
राज्यपाल ने बदलते समय के साथ प्रशासन में प्रौद्योगिकी के समावेश पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बढ़ती चुनौतियों का सामना करने के लिए अधिकारियों को प्रौद्योगिकी-आधारित शासन और निरंतर क्षमता निर्माण (Capacity Building) पर ध्यान देना चाहिए।
संवाद के दौरान उन्होंने राज्य की ज्वलंत समस्याओं पर भी अधिकारियों का मार्गदर्शन किया:
-
नशा निवारण: जमीनी स्तर पर सक्रिय कदम उठाकर युवाओं को बचाना।
-
जलवायु परिवर्तन: सतत विकास के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण।
-
जैविक खेती: हिमाचल को प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में अग्रणी बनाना।
विकसित भारत और समावेशी विकास
राज्यपाल ने कहा कि ‘विकसित और आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को साकार करने में युवा अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने पर्यटन, कृषि और सतत विकास के क्षेत्रों में राज्य की अपार संभावनाओं का दोहन करने के लिए टीम भावना के साथ काम करने की सलाह दी।
“लोगों की सिविल सेवकों से बहुत अपेक्षाएं होती हैं। आपकी सक्रियता और उत्तरदायी व्यवहार ही नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की असली कुंजी है।” – राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता
प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रगति
इस अवसर पर हिपा की निदेशक रुपाली ठाकुर ने राज्यपाल को प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार अधिकारियों को फील्ड एक्सपोजर, संस्थागत शिक्षा और जमीनी अनुभवों के माध्यम से व्यावहारिक रूप से तैयार किया जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण संवाद के दौरान राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज और कोर्स निदेशक संदीप शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
लेख का मुख्य सारांश (Key Takeaways):
| विषय | राज्यपाल का मुख्य संदेश |
| मूल मंत्र | प्रशासन पूरी तरह से ‘जन-केंद्रित’ होना चाहिए। |
| प्राथमिकता | ईमानदारी, पारदर्शिता और जनहित। |
| विशेष फोकस | नशा मुक्ति, जैविक खेती और जलवायु परिवर्तन। |
| लक्ष्य | आत्मनिर्भर हिमाचल और विकसित भारत का निर्मा |



