स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर एक्शन मोड में नगर निगम, मेयर और कमिश्नर ने संभाला मोर्चा
मेयर ने नगर निगम की कोर टीम से फीडबैक ली और जरूरी दिशा-निर्देश दिए ताकि किसी भी स्तर पर कोई कमी न रहे।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 में शिमला शहर को अव्वल स्थान दिलाने के लिए नगर निगम पूरी तरह एक्शन मोड में है। शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने और सर्वेक्षण के मानकों पर खरा उतरने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है।
इसी कड़ी में नगर निगम शिमला के वार रूम में मेयर सुरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस दौरान मेयर ने नगर निगम की कोर टीम से फीडबैक ली और जरूरी दिशा-निर्देश दिए ताकि किसी भी स्तर पर कोई कमी न रहे।
ग्राउंड जीरो पर सेनेटरी इंस्पेक्टरों का पहरा
निगम के तमाम सेनेटरी इंस्पेक्टरों को फील्ड में उतारा गया है। ये टीमें ‘ग्राउंड जीरो’ पर मौजूद रहकर सफाई कार्यों का बारीकी से जायजा ले रही हैं। कूड़ा उठाने से लेकर सार्वजनिक शौचालयों की सफाई तक हर पहलू पर नजर रखी जा रही है, ताकि शहर की रैंकिंग में सुधार हो सके।
स्कूली बच्चों को बनाया जा रहा स्वच्छता दूत
स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने के लिए नगर निगम स्कूलों में भी अभियान चला रहा है। छात्रों को गीला और सूखा कूड़ा अलग करने और अपने आसपास सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे समाज में स्वच्छता का संदेश फैलाएं।
नगर निगम का लक्ष्य न केवल बेहतर अंक हासिल करना है, बल्कि शिमला को देश के सबसे स्वच्छ और सुंदर शहरों में शीर्ष स्थान पर पहुंचाना भी है।



