पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय की 112 हेक्टेयर भूमि बची, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से छात्रों को बड़ी राहत
अभाविप के संघर्ष को मिली जीत, टूरिज्म विलेज के नाम पर जमीन अधिग्रहण पर लगी रोक

पालमपुर | 28 अप्रैल 2026
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) हिमाचल प्रदेश ने पालमपुर स्थित कृषि विश्वविद्यालय की 112 हेक्टेयर भूमि को बचाने के मुद्दे पर बड़ी सफलता हासिल की है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदेश सरकार के जमीन अधिग्रहण के फैसले पर रोक लगाए जाने के बाद परिषद ने इस निर्णय का स्वागत किया है।
प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने जारी बयान में कहा कि यह फैसला केवल एक शिक्षण संस्थान की भूमि की रक्षा नहीं है, बल्कि कृषि अनुसंधान, वैज्ञानिक प्रयोगों और विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा का भी प्रतीक है। उन्होंने बताया कि यह भूमि विश्वविद्यालय के छात्रों, शोधार्थियों और वैज्ञानिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहां निरंतर कृषि क्षेत्र में नए प्रयोग और अनुसंधान होते हैं।
अटल ने कहा कि यदि इस भूमि का अधिग्रहण टूरिज्म विलेज के लिए किया जाता, तो इससे प्रदेश में कृषि विकास की गति प्रभावित होती और छात्रों की पढ़ाई पर भी नकारात्मक असर पड़ता। उन्होंने इस भूमि को प्रदेश की कृषि उन्नति और नवाचार का प्रमुख केंद्र बताया।
अभाविप ने इस निर्णय के खिलाफ शुरुआत से ही विरोध जताया और धरना-प्रदर्शन, जनजागरण अभियान, मीडिया व सोशल मीडिया के माध्यम से इस मुद्दे को लगातार उठाया। यह संघर्ष पूरी तरह से छात्र हितों और शिक्षा की रक्षा के लिए था।
परिषद ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि टूरिज्म विलेज के लिए किसी अन्य उपयुक्त और अनुपयोगी भूमि का चयन किया जाए, ताकि शिक्षा और पर्यटन दोनों क्षेत्रों का संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।
अभाविप ने स्पष्ट किया कि वह भविष्य में भी छात्र हितों की रक्षा के लिए इसी तरह प्रतिबद्ध रहेगी।



